विधवा महिलाओं के लिए बकरी पालन प्रशिक्षण, आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम
📍 घुग्घुस | प्रतिनिधि
लॉयड्स इन्फिनाइट फाउंडेशन, घुग्घुस की ओर से विधवा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु “बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यशाला” का आयोजन किसान प्रशिक्षण केंद्र, मुरसा में किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा उन्हें स्थायी आय का साधन उपलब्ध कराना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बकरी पालन व्यवसाय की स्थापना, देखभाल एवं प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। महिलाओं को स्थानीय वातावरण के अनुसार उपयुक्त नस्ल का चयन, शेड (बाड़ा) निर्माण, आहार प्रबंधन, टीकाकरण एवं स्वास्थ्य देखभाल, प्रजनन प्रबंधन तथा बाजार में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी गई।
सफलता एकता फेडरेशन, उपरवाही की पशुसखी सौ. कल्पना मडावी एवं सौ. गीता वाडगुरे ने प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान अच्छी नस्ल की बकरी एवं बकरे के चयन पर प्रत्यक्ष प्रायोगिक प्रदर्शन भी कराया गया, जिससे महिलाओं को व्यावहारिक जानकारी मिल सकी।
कार्यशाला में कुल 20 महिलाओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि बकरी पालन व्यवसाय के माध्यम से वे अपने और अपने परिवार के जीवन स्तर को बेहतर बना सकेंगी।
फाउंडेशन की ओर से प्रशिक्षण उपरांत लाभार्थी महिलाओं को व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए प्रत्येक को 1 बकरा और 4 गर्भित बकरियां प्रदान की जाएंगी।
यह कार्यशाला लॉयड्स मेटल एंड एनर्जी लिमिटेड के उपप्रबंधक श्री प्रशांत पुरी तथा फाउंडेशन की सहायक महाप्रबंधक सौ. विद्या पाल के मार्गदर्शन में आयोजित की गई।
कार्यक्रम की सफलता में किसान प्रशिक्षण केंद्र, मुरसा के प्रबंधक डॉ. आदित्य कदम, वरिष्ठ अधिकारी डॉ. महेंद्र वैरागड़े, अधिकारी श्री महेश उपरे, कनिष्ठ अधिकारी श्री मानस मकासरे तथा सहयोगी श्री गजानन बोबड़े, श्री अभिजीत चौधरी, श्री धनंजय पिंपळशेंडे और श्री आदित्य मोहितकर का विशेष योगदान रहा।
डॉ. आदित्य कदम ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की जरूरतमंद महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें स्थायी आय के साधन उपलब्ध कराना फाउंडेशन की प्राथमिकता है। भविष्य में भी ऐसे कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस पहल से विधवा महिलाओं को आत्मनिर्भरता की नई राह मिली है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।