वर्धा नदी के बेलोरा पुल से कूदकर युवक ने की आत्महत्या
मानसिक तनाव और कर्ज बना वजह
वणी–घुग्गुस मार्ग पर स्थित वर्धा नदी के बेलोरा पुल से कूदकर एक युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की खलबली मचाने वाली घटना बुधवार, 14 जनवरी की सुबह करीब 10 बजे सामने आई है।
आत्महत्या करने वाले युवक का नाम महेश दशरथ देठे (उम्र लगभग 34 वर्ष), निवासी नायगांव (बु.) बताया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महेश नायगांव (बु.) गांव में अपनी मां और बड़े भाई के साथ रहता था। वह पिछले कुछ दिनों से गंभीर मानसिक तनाव में था। बताया जा रहा है कि बीते चार से पांच दिनों से उसकी मानसिक स्थिति असामान्य हो गई थी।
वह रात में देर तक सोता नहीं था और अकेले गांव में घूमता रहता था, जिसे लेकर गांव में चर्चा भी थी।
महेश घुग्गुस स्थित पंजाब ट्रांसपोर्ट कंपनी के कैंप में कमानी मिस्त्री के रूप में कार्यरत था।
घटना के एक दिन पहले भी वह काम पर गया था। देठे परिवार के पास लगभग 3 एकड़ कृषि भूमि है, लेकिन इस वर्ष हुई अतिवृष्टि के कारण खेती से कोई आमदनी नहीं हो पाई। वहीं घर के निर्माण के लिए परिवार पर कर्ज का भारी बोझ भी था। महेश और उसका बड़ा भाई दोनों ही निजी क्षेत्र में काम कर रहे थे, बावजूद इसके आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था।
बुधवार सुबह महेश, उसका बड़ा भाई और एक मित्र—तीनों गांव से साथ निकले थे। जैसे ही वे वर्धा नदी के पुल के पास पहुंचे, महेश के व्यवहार में अचानक बदलाव देखकर बड़े भाई ने उसे समझाने की कोशिश की। इसी दौरान महेश अचानक पुल की ओर दौड़ा और देखते ही देखते पुल से नदी में छलांग लगा दी।
घटना के बाद बड़े भाई ने जोर-जोर से मदद के लिए चिल्लाया, जिससे आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। तत्काल इसकी सूचना शिरपुर पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस दल मौके पर पहुंचा और आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
इस दर्दनाक घटना से नायगांव (बु.) सहित पूरे क्षेत्र में शोक और सन्नाटा फैल गया है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है।