विधवा महिलाओं को स्वावलंबन की राह, बकरी पालन यूनिट का वितरण
सामाजिक दायित्व से आत्मनिर्भरता की ओर एक ठोस कदम
घुग्घुस (जि. चंद्रपुर) | प्रतिनिधि ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिक रूप से कमजोर और सामाजिक रूप से संवेदनशील वर्ग की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से लॉयड्स इन्फिनाइट फाउंडेशन, घुग्घुस की ओर से एक सराहनीय और दूरदर्शी पहल की गई है।
सामाजिक दायित्व के तहत फाउंडेशन द्वारा विधवा महिलाओं के स्वरोजगार और स्थायी आजीविका के लिए बकरी पालन यूनिट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस उपक्रम के अंतर्गत घुग्घुस परिसर के पांढरकवड़ा, वढा, शेनगांव और मातरदेवी गांवों की कुल 9 विधवा महिलाओं का चयन कर उन्हें प्रत्येक को एक बकरी पालन यूनिट प्रदान की गई।
प्रत्येक यूनिट में 1 बकरा और 4 गर्भवती बकरियां शामिल हैं, जिससे महिलाओं को दीर्घकालीन और टिकाऊ आय का साधन उपलब्ध हो सके।
प्रशिक्षण के साथ स्वरोजगार
यह पहल केवल पशु वितरण तक सीमित नहीं रही, बल्कि महिलाओं को बकरी पालन से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। महिला बचत समूह के माध्यम से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में महिलाओं को—बकरी पालन एवं स्वास्थ्य प्रबंधन,टीकाकरण व रोग ,प्रतिरोधक उपाय,चारा प्रबंधन,स्वच्छता व बाड़ा (गोठा) प्रबंधन,बाजार की जानकारी और बिक्री प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया।
बकरी पालन व्यवसाय कम पूंजी में शुरू होने वाला, ग्रामीण क्षेत्र के लिए अनुकूल और अल्प अवधि में आय देने वाला व्यवसाय है। पशुधन वृद्धि के साथ यह दीर्घकालीन आर्थिक स्थिरता भी प्रदान करता है। कुछ ही महीनों में बकरियों की संख्या बढ़ने से महिलाओं को बिक्री के माध्यम से प्रत्यक्ष आय और भविष्य में यूनिट विस्तार का अवसर प्राप्त होगा।
सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव
लॉयड्स इन्फिनाइट फाउंडेशन का यह उपक्रम केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का सशक्त प्रयास है। विधवा महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में लाना, उनमें आत्मविश्वास पैदा करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। इससे— महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा परिवार के आर्थिक निर्णयों में उनकी भागीदारी मजबूत होगी। समाज में उनका सम्मान और मान-सम्मान बढ़ेगा अगली पीढ़ी के लिए सकारात्मक उदाहरण स्थापित होगा।
स्थानीय स्तर पर सराहना
इस उपक्रम से लाभार्थी महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा और वे आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनेंगी, ऐसी अपेक्षा व्यक्त की जा रही है। स्थानीय स्तर पर इस पहल का जोरदार स्वागत हो रहा है और यह कार्यक्रम अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायी सिद्ध हो रहा है।