मार्केट लाइन का जलस्रोत खतरे में, प्रशासन मौन क्यों?
📍 घुग्घुस | प्रतिनिधि
घुग्घुस शहर के मार्केट लाइन क्षेत्र में स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक तालाब पर अवैध कब्जे और भराव का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि संबंधित तालाब मालिक अपने निजी स्वार्थ के लिए तालाब में लगातार मिट्टी, मलबा और गंदा पानी डालकर सैकड़ों वर्गफुट क्षेत्र को पाट चुका है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह तालाब केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि शहर की पर्यावरणीय धरोहर और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्षों से गणेश और देवी प्रतिमाओं का विसर्जन यहीं किया जाता रहा है। यदि यह तालाब समाप्त हुआ तो धार्मिक, सामाजिक और पर्यावरणीय संकट खड़ा हो जाएगा।
⚠️ संभावित दुष्परिणाम बेहद गंभीर
भूजल स्तर में भारी गिरावट
गणेश एवं देवी विसर्जन के लिए वैकल्पिक स्थान की समस्या
सिंघाड़ा उत्पादन और जल आधारित आजीविका पर असर
गाय, भैंस और अन्य पशुओं के लिए पानी की कमी
वर्षा जल संचयन व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव
पर्यावरण संतुलन को गंभीर खतरा
नागरिकों ने बताया कि पहले भी तालाब के सौंदर्यीकरण, संरक्षण और सार्वजनिक संपत्ति के रूप में विकसित करने की मांग उठाई गई थी। पोर्टल और लिखित शिकायतों के माध्यम से प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अधिकारियों की कथित लापरवाही के कारण अवैध भराव का काम जारी है।
⚖️ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की मांग
नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि —
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 तथा जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) कानून के तहत तत्काल जांच की जाए।
चल रहे अवैध भराव कार्य को तुरंत रोका जाए और यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी हो।
संबंधित मुख्याधिकारी, नगराध्यक्ष, निर्माण विभाग प्रमुख एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
तालाब का संरक्षण, पुनर्जीवन और सौंदर्यीकरण कर उसे सार्वजनिक जलस्रोत के रूप में सुरक्षित घोषित किया जाए।
यह मामला चंद्रपुर जिले से जुड़ा होने के कारण अब जिला प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस पर्यावरणीय और सांस्कृतिक धरोहर को बचाने के लिए कितनी गंभीरता दिखाता है।