कोरपणा तहसील में रात के अंधेरे में रेत तस्करी का खुला खेल
वणोजा घाट से रोज़ दो दर्जन ट्रैक्टरों से हो रही लूट
कोरपणा | विशेष रिपोर्ट कोरपणा तहसील एवं पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत वणोजा गांव के समीप पैनगंगा नदी घाट से रात के अंधेरे में रेत तस्करी का खेल बेखौफ जारी है। हालात ऐसे हैं कि रोज़ाना दो दर्जन से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है, जिससे जिला प्रशासन को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। बताया जाता है कि कुछ दिन पहले महसूल विभाग द्वारा रेत तस्करी रोकने के लिए नदी घाट तक जाने वाले मार्ग पर गड्ढे खोदकर ट्रैक्टरों की आवाजाही बंद करवाई गई थी। लेकिन तस्करों की हिम्मत देखिए— गांव के कुछ मुजोर तत्वों ने जेसीबी मशीन से उन गड्ढों को भरकर तस्करी दोबारा शुरू कर दी। वणोजा के—दोनों घाटों से हर रात अंधेरे का फायदा उठाकर रेत की खुलेआम तस्करी की जा रही है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खेतों के बीच से गुजर रही हैं, किसानों की फसलें रौंदी जा रही हैं, लेकिन तस्करों को किसी का डर नहीं। सबसे गंभीर सवाल यह है कि— 👉 इतने बड़े पैमाने पर चल रही तस्करी की जानकारी पुलिस और महसूल विभाग को कैसे नहीं? 👉 या फिर कोरपणा पुलिस थाना और महसूल के कुछ अधिकारी इस अवैध कारोबार को संरक्षण दे रहे हैं? स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासन ईमानदार होता, तो रात के अंधेरे में रोज़ दो दर्जन ट्रैक्टर घाट तक पहुंच ही नहीं सकते थे। अब सवाल उठता है कि क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या फिर रेत माफिया को यूं ही खुली छूट मिलती रहेगी? ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच, घाटों पर स्थायी निगरानी और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।