वणी / यवतमाल :
वणी विधानसभा क्षेत्र में युवासेना को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। युवासेना के उपजिल्हा प्रमुख अजिंक्य सु. शेंडे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा युवासेना प्रमुख आदित्य ठाकरे को संबोधित करते हुए सौंपा है।
अजिंक्य शेंडे ने अपने इस्तीफे में कहा कि वे वर्षों से हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे के विचारों से प्रेरित होकर एक कट्टर शिवसैनिक के रूप में सामाजिक, शैक्षणिक और जनसेवा के कार्य करते आ रहे हैं। उन्होंने वणी शहर में युवाओं और विद्यार्थियों के बीच सदस्यता अभियान चलाया, जरूरतमंदों को राशन कार्ड व सरकारी दस्तावेज बनवाने में सहायता की, कोविड काल में ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराए, शहर में दवा छिड़काव कराया तथा कई सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया।
उन्होंने बताया कि सामना जैसे अधिकृत मुखपत्र के माध्यम से उन्हें चार बार युवासेना उपजिल्हा प्रमुख पद पर नियुक्त किया गया — जिसे वे अपने लिए सम्मान मानते हैं।
❗ संगठन में उपेक्षा और आंतरिक राजनीति का आरोप
शेंडे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले कुछ समय से स्थानीय स्तर पर उनके कार्यों में जानबूझकर अड़चनें डाली जा रही थीं। महत्वपूर्ण बैठकों, निर्णय प्रक्रियाओं और नगर परिषद सीट बंटवारे में उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि वणी शहर में युवासेना शहर प्रमुख का पद लंबे समय से रिक्त है, जबकि झरी–मारेगांव और मारेगांव तालुका में संगठनात्मक कार्य लगभग ठप पड़ा है। कई बार वरिष्ठों को अवगत कराने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
शेंडे ने आरोप लगाया कि वणी विधानसभा क्षेत्र में विधायक को चुनकर लाने के लिए कार्यकर्ताओं ने जी-जान से मेहनत की, लेकिन अब उन्हीं निष्ठावान कार्यकर्ताओं को दोयम दर्जे का व्यवहार दिया जा रहा है। उन्होंने “मैं ही मतलब पार्टी” जैसी एकाधिकारवादी मानसिकता पर भी सवाल उठाए।
📍 स्वाभिमान के साथ दिया इस्तीफा
उन्होंने बताया कि जिला प्रमुख पद के लिए उन्होंने मुंबई जाकर प्रयास किए और सिफारिश पत्र भी जुटाने की कोशिश की, लेकिन अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। लगातार उपेक्षा से आहत होकर उन्होंने स्वाभिमान के साथ युवासेना उपजिल्हा प्रमुख (वणी विधानसभा) पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी और नेतृत्व के प्रति उनके मन में सम्मान हमेशा बना रहेगा।
🎙️ मीडिया से अपील
अजिंक्य शेंडे ने मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की है कि वे लोकतांत्रिक दायरे में रहकर इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई जनता के सामने लाएं और उनके इस्तीफे को उचित स्थान दें।
अब सवाल यह उठता है कि वणी विधानसभा में युवासेना के भीतर चल रही खींचतान का असर आने वाले चुनावी समीकरणों पर कितना पड़ेगा?
क्या संगठन इस आंतरिक असंतोष को संभाल पाएगा या यह मामला और तूल पकड़ेगा — इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।