मृत मुर्गियां,सड़ा कचरा और नप प्रशासन की लापरवाही;
जिलाधिकारी से तत्काल कार्रवाई की मांग
घुग्घुस | विशेष रिपोर्ट
घुग्घुस शहर का साप्ताहिक बाजार इन दिनों खरीदारी का केंद्र नहीं, बल्कि गंदगी और अराजकता का अड्डा बन चुका है। बाजार परिसर में खुलेआम बीच बाजार मे रोज मृत मुर्गियां फेंकी जा रही हैं, सड़ा हुआ कचरा ढेरों में जमा है और चारों ओर असहनीय दुर्गंध फैली हुई है। हालात ऐसे हैं कि नागरिकों को नाक पर रुमाल रखकर बाजार से गुजरना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन मानो गहरी नींद में सोया हुआ है।
⚠️ शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायतें, ज्ञापन और चेतावनी देने के बावजूद मुख्याधिकारी की निष्क्रियता और बेफिक्री पर कोई लगाम नहीं लगी है।
स्वच्छता के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी की जा रही है। नागरिकों का कहना है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ है।
🦠 बीमारी का खतरा, महिलाओं और बच्चों में डर
बाजार परिसर में फैली सड़ांध, भिनभिनाती मक्खियां, आवारा कुत्तों का जमावड़ा और संक्रमण का बढ़ता खतरा व्यापारियों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
शहर की प्रतिष्ठा को धूल में मिलाने वाली इस स्थिति से प्रशासन की छवि भी पूरी तरह धूमिल हो रही है।
📢 जिलाधिकारी से “धड़क” कार्रवाई की मांग
संतप्त नागरिकों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि:
जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
बाजार परिसर में तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाया जाए।
मृत पशुओं के निपटान की वैज्ञानिक और स्थायी व्यवस्था की जाए।
भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए सख्त निगरानी तंत्र लागू किया जाए।
🚨 नागरिको ने दी आंदोलन की चेतावनी
नागरिकों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे सड़क पर उतरकर तीव्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
❗ सवाल सीधा है…
क्या प्रशासन किसी महामारी या बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
या फिर जनता के सब्र का बांध टूटने के बाद ही जागेगा?
अब निगाहें जिलाधिकारी की कार्रवाई पर टिकी हैं।