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“छत्रपति शिवाजी महाराज राजस्व समाधान शिविर”

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“छत्रपति शिवाजी महाराज राजस्व समाधान शिविर”



अभियान की धमाकेदार शुरुआत — अब गांव-गांव पहुंचेगी राजस्व सेवा


14 मार्च को घुग्घुस में लगेगा बड़ा शिविर; 7/12, प्रमाणपत्र, फेरफार सहित 15 से ज्यादा सेवाओं का मौके पर होगा समाधान


चंद्रपुर:
महाराष्ट्र सरकार के राजस्व विभाग की पहल पर “छत्रपति शिवाजी महाराज राजस्व समाधान शिविर अभियान” का पहला चरण शुरू हो गया है। इस महत्वाकांक्षी अभियान की शुरुआत चंद्रशेखर बावनकुळे (महाराष्ट्र के राजस्व व वन मंत्री) की पहल और चंद्रपुर जिल्हाधिस विनय गौड़ा के मार्गदर्शन में की गई है।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले आम नागरिकों, किसानों, विद्यार्थियों और महिलाओं की राजस्व विभाग से जुड़ी समस्याओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाए बिना सीधे शिविर में ही हल करना है। प्रशासन का दावा है कि इससे लोगों की लंबित शिकायतों का तेजी से निपटारा होगा और राजस्व सेवाएं सीधे जनता तक पहुंचेंगी।
राजस्व प्रशासन को अधिक जनकेंद्रित, पारदर्शी और गतिशील बनाने के लिए चंद्रपुर तालुका के प्रत्येक राजस्व मंडल स्तर पर यह शिविर आयोजित किया जाएगा। यह अभियान मार्च 2026 से मई 2026 तक चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा, जिसमें मंडल स्तर से लेकर नगर परिषद और नगर पंचायत स्तर तक शिविर लगाए जाएंगे।

इसी कड़ी में घुग्घुस नगर परिषद में तहसीलदार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि 14 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे बालाजी सभागृह, घुग्घुस में भव्य राजस्व समाधान शिविर आयोजित किया जाएगा, जहां नागरिकों को विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ मौके पर दिया जाएगा।

इस शिविर में राजस्व विभाग की 15 से अधिक महत्वपूर्ण सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनमें प्रमुख रूप से —
लंबित फेरफार प्रकरणों का निपटारा
7/12 और 8-अ उतारों में त्रुटियों की सुधार प्रक्रिया
डिजिटल हस्ताक्षरित 7/12 और 8-अ दस्तावेजों का वितरण।
आय, निवास और जाति प्रमाणपत्र जारी करना
नॉन-क्रीमीलेयर प्रमाणपत्र।
अकृषक (नॉन-एग्रीकल्चर) प्रकरणों पर मार्गदर्शन
सनद प्रक्रिया की जानकारी।
सामाजिक सहायता योजनाओं का लाभ।
विद्यार्थियों के लिए आवश्यक प्रमाणपत्र।
तुकडेबंदी कानून से जुड़े मामलों का निपटारा।
पाणंद रास्तों की प्रशासनिक मंजूरी।
घरों के लिए पट्टों का वितरण।
ई-मोजणी आवेदन,अ‍ॅग्रीस्टैक और पीएम किसान पंजीकरण,भू-संपादन व अन्य लंबित राजस्व मामलों का समाधान शामिल हैं।

राजस्व विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि 14 मार्च को आयोजित इस शिविर में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाएं तथा अपनी लंबित समस्याओं का समाधान मौके पर ही कराएं।

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