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वणी का सरकारी आदिवासी छात्रावास “मौत के साये में”!

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वणी का सरकारी आदिवासी छात्रावास “मौत के साये में”!



जर्जर इमारत और बदहाल हालात पर आदिवासी विद्यार्थी महासंघ का बड़ा खुलासा


टूटी दीवारें, लटकती बिजली की तारें, गंदगी का अंबार और सुविधाओं का अभाव; जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर आदिवासी छात्र


वणी (यवतमाल):
वणी स्थित सरकारी आदिवासी बालक छात्रावास की हालत बेहद भयावह और खतरनाक बताई जा रही है। Adivasi Vidyarthi Mahasangh Vidarbha Nagpur और Adivasi Vidyarthi Sangh Vidarbha Nagpur ने आरोप लगाया है कि छात्रावास में रहने वाले आदिवासी विद्यार्थी मौत की छाया में रहकर शिक्षा प्राप्त करने को मजबूर हैं। संगठन का कहना है कि छात्रावास की जर्जर इमारत और अमानवीय परिस्थितियां किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही हैं।

संगठन के अनुसार छात्रावास की इमारत कई जगहों से पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। दीवारों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं, छत के स्लैब ढीले हो गए हैं और कई स्थानों पर प्लास्टर गिर चुका है। ऐसी स्थिति में किसी भी समय इमारत का हिस्सा गिरने का खतरा बना हुआ है, जिससे यहां रहने वाले विद्यार्थियों की जान जोखिम में है।

छात्रावास परिसर में अत्यधिक गंदगी और अस्वच्छता का भी गंभीर मामला सामने आया है। रसोईघर के आसपास सड़ा-गला कचरा खुले में पड़ा है, जिससे पूरे परिसर में दुर्गंध फैल रही है। गंदगी के कारण मच्छरों, मक्खियों और अन्य कीटों का भारी प्रकोप बढ़ गया है। जिस स्थान पर छात्रों का भोजन तैयार होता है, वहीं कचरे के ढेर लगे होने से व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

छात्रावास में रखी अलमारियां जंग लगी और टूटी हुई हैं। कई जगह पानी की लीकेज के कारण दीवारें लगातार गीली रहती हैं। इसके अलावा बिजली की खुली तारें लटक रही हैं, जिससे कभी भी करंट लगने की घटना हो सकती है। विद्यार्थियों के अनुसार बारिश के दिनों में इमारत के अंदर पानी घुस जाता है और पूरा परिसर कीचड़ और गंदगी से भर जाता है।

सबसे चिंताजनक बात यह भी सामने आई है कि छात्रावास में स्वच्छ पेयजल की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और पानी शुद्ध करने की मशीन भी उपेक्षित हालत में पड़ी है। इसके अलावा कई मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह नदारद हैं, जिनमें कंप्यूटर, प्रिंटर, लाइब्रेरी, बेडशीट, गद्दे, अलमारी, टेबल-कुर्सी, अलग भोजन कक्ष, खेल सामग्री, प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें, अखबार, टीवी, सफाई कर्मचारी, कार्यालयीन स्टाफ और विद्यार्थियों के लिए जिम जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

इस गंभीर मुद्दे को लेकर संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर छात्रावास की मरम्मत, स्वच्छता व्यवस्था और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

इस दौरान संगठन के अध्यक्ष Ganesh Irpachi, उपाध्यक्ष Mohit Pandhre और Anchal Parteti, सचिव Sagar Gangurde, Shekhar Koram, Dipak Pandhre, Maina Salame, Suraj Telami, Vilas Dhurve, Nilesh Namurle, Ashik Gavde, Pankaj Atram, Keshav Kulsange, Ranjit Parteti, Pankaj Taram, Suraj Uike, Sumukta Tekam, Gauri Kulmethe, Karuna Vadhiwe, Reena Margaye और Sunita Vidpi सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही छात्रावास की स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो आदिवासी विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।

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