एक नंबर… दो ट्रक! घुग्घुस पुलिस की कार्रवाई से खुला ट्रांसपोर्ट का ‘डुप्लीकेट खेल’
एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर MH-12-UN-9819 वाले दो ट्रक पकड़े गए; टैक्स चोरी और अवैध गतिविधियों की आशंका
चंद्रपुर / घुग्घुस:
घुग्घुस में ट्रांसपोर्ट मे टैक्स चोरी कारोबार के भीतर चल रहे एक संदिग्ध और गैरकानूनी खेल का पर्दाफाश हुआ है। घुग्घुस पुलिस ने एक ही नंबर प्लेट वाले दो ट्रकों को पकड़कर जब्त कर लिया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
यह कार्रवाई 11 मार्च 2026 की शाम को उस समय हुई, जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि पडोली से घुग्घुस की ओर जाने वाले दो बाहेरी ट्रकों पर एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर MH-12-UN-9819 लगा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत (जाल) बिछाया और दोनों ट्रकों को रोककर घुग्घुस पुलिस थाने में खड़ा कर दिया।
बताया जा रहा है कि दोनों ट्रक ACC (अडानी) कंपनी की ओर कचरा लेकर जा रहे थे। हैरानी की बात यह रही कि एक ट्रक पर “लक्ष्मी प्रसन्न” तो दूसरे ट्रक पर “निरंजन संस्थान” लिखा हुआ था, लेकिन दोनों पर एक ही नंबर प्लेट लगी हुई थी।
कानून के अनुसार एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर पर दो वाहन सड़क पर चलाना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों का इस्तेमाल अक्सर टैक्स चोरी, वाहन जब्ती से बचने या अवैध कारोबार को छिपाने के लिए किया जाता है। ट्रांसपोर्ट क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि कई बार वाहन मालिक 60 से 70 हजार रुपये का रजिस्ट्रेशन खर्च बचाने के लिए भी यह गैरकानूनी तरीका अपनाते हैं।
इतना ही नहीं, ऐसी डुप्लीकेट नंबर प्लेट वाली गाड़ियां वाहन चोरी, ड्रग्स तस्करी या अवैध शराब ढुलाई जैसे मामलों में भी इस्तेमाल होने की आशंका रहती है। इसलिए इस पूरे मामले को काफी गंभीर माना जा रहा है।
घुग्घुस पुलिस की सतर्कता से यह मामला सामने आने के बाद सिर्फ ड्राइवर ही नहीं बल्कि ट्रांसपोर्ट मालिक पर भी सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है। साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि इस मामले में चंद्रपुर महाराष्ट्र आरटीओ विभाग क्या कार्रवाई करेगा।
अगर इन ट्रकों से कोई बड़ा हादसा हो जाता तो जांच में पुलिस के सामने भी बड़ी कानूनी मुश्किलें खड़ी हो सकती थीं। इसी वजह से स्थानीय नागरिकों ने इस पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में FIR नंबर 121/26 दर्ज किया गया है। दोनों ट्रकों के चालक और मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय दंड संहिता की धारा 318(4), 336(3) और 340(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह कार्रवाई Prakash Raut (पुलिस निरीक्षक, घुग्घुस) के निर्देश पर yogesh Patil द्वारा की गई। फिलहाल घुग्घुस पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और इस डुप्लीकेट नंबर प्लेट के पीछे छिपे नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।