लोहारडोंगरी खदान परियोजना रद्द करने की मांग तेज, कांग्रेस ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग; पर्यावरण और जंगलों पर खतरे का जताया अंदेशा
चंद्रपुर :
चंद्रपुर जिले में बढ़ते पर्यावरणीय संकट और मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर अब राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने राज्य सरकार से लोहारडोंगरी लौह खदान परियोजना को तत्काल रद्द करने की मांग की है। इस संबंध में चंद्रपुर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया।
यह ज्ञापन कांग्रेस के जिला अध्यक्ष तथा पूर्व विधायक सुभाषभाऊ धोटे और शहर अध्यक्ष संतोष लहामगे के नेतृत्व में सौंपा गया। इस दौरान कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
ज्ञापन में बताया गया कि चंद्रपुर जिला इस समय गंभीर पर्यावरणीय संकट और मानव-वन्यजीव संघर्ष की समस्या से जूझ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर इको-प्रो संस्था के अध्यक्ष बंडू धोतरे ने 4 मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया है, जिसे कांग्रेस ने खुला समर्थन दिया है।
कांग्रेस का कहना है कि जसपुरी वन क्षेत्र में प्रस्तावित लोहारडोंगरी लौह खदान परियोजना ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व के महत्वपूर्ण वन्यजीव कॉरिडोर में आती है। यदि यह परियोजना शुरू होती है तो करीब 10 हजार से अधिक पेड़ों की कटाई होने की संभावना है। इससे वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित होगा और मानव-वन्यजीव संघर्ष और भी बढ़ सकता है। इसलिए इस परियोजना को दी गई वन्यजीव संबंधी अनुमति को तुरंत रद्द करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि चंद्रपुर जिले में पिछले पांच वर्षों में बाघों के हमलों में लगभग 200 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि साल 2024 में ही करीब 80 लोगों की जान गई। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के किसान और आदिवासी नागरिक लगातार भय के साए में जीवन जीने को मजबूर हैं।
कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए गठित 11 सदस्यीय तकनीकी समिति की रिपोर्ट को तत्काल लागू किया जाए और प्रभावी उपाय किए जाएं।
साथ ही चंद्रपुर शहर और जिले में बढ़ते प्रदूषण को लेकर भी चिंता जताई गई है। कांग्रेस ने कहा कि यदि नए खनन प्रकल्प शुरू होते हैं तो हवा और पर्यावरण प्रदूषण और बढ़ सकता है। इसलिए वन्यजीव कॉरिडोर की सुरक्षा, जंगलों के विखंडन को रोकने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार को ठोस नीति लागू करनी चाहिए।
ज्ञापन के अंत में कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप कर चंद्रपुर की वन संपदा, पर्यावरण और वन्यजीवों को बचाने के लिए तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। साथ ही अनशन कर रहे बंडू धोतरे की बिगड़ती सेहत को देखते हुए सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग भी की गई है।
मुख्य मांगें:
लोहारडोंगरी लौह खदान परियोजना को तत्काल रद्द किया जाए।
चंद्रपुर जिले को “मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रभावित जिला” घोषित किया जाए।
वन्यजीव कॉरिडोर पर प्रस्तावित ओवरपास और अंडरपास के कार्य तुरंत शुरू किए जाएं।
रेस्क्यू सेंटर और टाइगर सफारी परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक निधि उपलब्ध कराई जाए।
बंडू धोतरे द्वारा रखी गई 10 प्रमुख मांगों पर सरकार तत्काल निर्णय ले।