भ्रष्टाचार का झूठा आरोप लगाकर बदनाम करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग
अपर आयुक्त की हस्ताक्षर–मुहर का अवैध इस्तेमाल, गंभीर मामला उजागर
अपर जिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन
चंद्रपुर / ताडाली :
गणतंत्र दिवस की सुबह ताडाली गांव में लगाए गए एक भ्रामक और मानहानिकारक बैनर से पूरे गांव में हड़कंप मच गया है। इस बैनर के माध्यम से ग्राम पंचायत के सरपंच, उपसरपंच और सदस्यों पर भ्रष्टाचार का झूठा आरोप लगाया गया है। इतना ही नहीं, अपर आयुक्त, नागपुर के आदेश पर मौजूद आधिकारिक हस्ताक्षर और सरकारी मुहर को बिना अनुमति अवैध रूप से छापे जाने का गंभीर मामला सामने आया है।
बैनर में यह भ्रामक दावा किया गया कि “भ्रष्टाचार प्रकरण में ताडाली ग्राम पंचायत के सरपंच, उपसरपंच और सभी सदस्य अपात्र घोषित किए गए हैं।” जबकि वास्तविकता यह है कि 12 जनवरी 2026 को जारी अपर आयुक्त के आदेश में कहीं भी ‘भ्रष्टाचार’ का कोई उल्लेख नहीं है। इसके बावजूद जानबूझकर झूठा प्रचार कर ग्राम पंचायत पदाधिकारियों की सामाजिक और राजनीतिक छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया।
ग्रामस्थों का कहना है कि सरकारी दस्तावेजों की हस्ताक्षर और मुहर का इस तरह अनधिकृत उपयोग करना कानूनन गंभीर अपराध है। इस घटना के कारण गांव में तनावपूर्ण माहौल बन गया है और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। पूरे मामले को राजनीतिक द्वेष और गांव में सामाजिक तनाव फैलाने की साजिश के रूप में देखा जा रहा है।
इस गंभीर प्रकरण को लेकर ग्रामस्थों और पदाधिकारियों ने अपर जिलाधिकारी, चंद्रपुर को लिखित ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बैनर को तैयार करने, छपवाने और सार्वजनिक स्थान पर लगाने वाले सभी जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ मानहानि, झूठी जानकारी फैलाने, सामाजिक तनाव पैदा करने तथा शासकीय आदेश की हस्ताक्षर–मुहर के अवैध इस्तेमाल के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
बिना किसी आधिकारिक या न्यायिक निर्णय के सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के आरोप प्रकाशित करना कानून का खुला उल्लंघन है, जिससे गांव की शांति और कानून-व्यवस्था पर सीधा खतरा उत्पन्न हुआ है।
प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करे।
ज्ञापन सौंपते समय पूर्व सदस्य अशोक मडावी, पूर्व उपसरपंच निकिलेश चामरे, भीम आर्मी तालुका अध्यक्ष आकाश चिवंडे, वंचित बहुजन आघाड़ी की पदाधिकारी वैशाली वाघमारे सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
इस बीच ग्रामवासियों से अपील की गई है कि वे अफवाहों और झूठे प्रचार पर विश्वास न करें तथा गांव में शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखें।