Home Breaking News घुग्घुस मटन मार्केट बना बीमारी का अड्डा

घुग्घुस मटन मार्केट बना बीमारी का अड्डा

59

घुग्घुस मटन मार्केट बना बीमारी का अड्डा



नगर परिषद की लापरवाही से जनता की सेहत दांव पर


घुग्घुस/—
शहर का मटन मार्केट इन दिनों स्वच्छता नहीं बल्कि सड़ांध, बदबू ,मलमुञ और संक्रमण का प्रतीक बन चुका है। खुले में मांस की कटाई, जमीन पर बहता खून, सड़ती हड्डियाँ,पेट का मलमूञ और मोकाट कुत्तों का जमावड़ा—यह सब कुछ नगर परिषद की आंखों के सामने हो रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि न तो रोज़ाना सफाई होती है, न अपशिष्ट निस्तारण की कोई व्यवस्था, और न ही स्वास्थ्य विभाग की नियमित जांच। मटन मार्केट में न तो ढका हुआ प्लेटफॉर्म है, न स्वच्छ पानी की सुविधा, और न ही ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त।
खून मिला गंदा पानी नालियों में जाम होकर डेंगू, मलेरिया और पेट की बीमारियों को खुला न्योता दे रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि लाइसेंस शर्तों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है, फिर भी नगर परिषद, स्वास्थ्य विभाग और पशुवैद्यकीय विभाग की भूमिका संदेह के घेरे में है।
सवाल उठता है—
👉 क्या किसी बड़े हादसे या महामारी का इंतज़ार किया जा रहा है?
👉 क्या यह लापरवाही नहीं, बल्कि मिलीभगत है?
अब नागरिक मांग कर रहे हैं कि जिम्मेदार अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई हो और मटन मार्केट को तुरंत नियमों के अनुसार संचालित किया जाए।

🟥 जनहित याचिका (PIL) के मुख्य पॉइंट्स

1️⃣ मटन मार्केट में मांस खुले में काटा व बेचा जा रहा है, जो FSSAI व नगर स्वच्छता नियमों का उल्लंघन है।
2️⃣ अपशिष्ट प्रबंधन शून्य—हड्डियाँ, खून और कचरा खुले में फेंका जा रहा है।
3️⃣ मोकाट कुत्तों व जानवरों की मौजूदगी, जिससे जनसुरक्षा को खतरा।
4️⃣ नियमित स्वास्थ्य जांच और मेडिकल निरीक्षण का अभाव।
5️⃣ नगर परिषद द्वारा सफाई, फॉगिंग और कीटनाशक छिड़काव नहीं किया जा रहा।
6️⃣ नालियाँ जाम, जिससे संक्रामक रोग फैलने की आशंका।
7️⃣ लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने वालों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं।
8️⃣ यह स्थिति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) का सीधा उल्लंघन है।

🔹 याचिका में मांग:

मटन मार्केट को तुरंत बंद कर वैकल्पिक स्वच्छ स्थान पर शिफ्ट किया जाए
जिम्मेदार अधिकारियों पर विभागीय व आपराधिक कार्रवाई
CCTV, कवर शेड, वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम अनिवार्य
स्वतंत्र स्वास्थ्य ऑडिट और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए

🟥 नगर परिषद को घेरने वाली विस्फोटक लाइनें / सवाल

🔥 “क्या नगर परिषद किसी महामारी के बाद ही जागेगी?”
🔥 “जनता की सेहत सस्ती और लापरवाही महंगी नहीं?”
🔥 “कागज़ों में साफ़, ज़मीन पर सड़ांध—यही है नगर परिषद का मॉडल?”
🔥 “लाइसेंस किसने दिया और आंखें किसने बंद कीं?”
🔥 “अगर यही हाल रहा तो जिम्मेदारी कौन लेगा—अधिकारी या परिषद?”
🔥 “क्या मटन मार्केट प्रशासनिक संरक्षण में चल रही गंदगी का अड्डा है?”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here