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महाराष्ट्र में स्वतंत्र योग आयोग का गठन किया जाए : विधायक सुधीर मुनगंटीवार

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महाराष्ट्र में स्वतंत्र योग आयोग का गठन किया जाए : विधायक सुधीर मुनगंटीवार



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को दिलाई वैश्विक पहचान, अब महाराष्ट्र सरकार भी उठाए ठोस कदम


योग साधकों, प्रशिक्षकों और स्वास्थ्य क्षेत्र की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए शीघ्र निर्णय लेने की मांग


चंद्रपुर, 5 जून। महाराष्ट्र में योग के संवर्धन, प्रशिक्षण, अनुसंधान और व्यापक प्रसार के लिए स्वतंत्र “महाराष्ट्र योग आयोग” की स्थापना की जाए। यह मांग विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने राज्य सरकार से करते हुए कहा है कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है।

विधायक मुनगंटीवार ने कहा कि भगवद्गीता में “योगः कर्मसु कौशलम्” तथा “समत्वं योग उच्यते” जैसे श्लोकों के माध्यम से योग के महत्व को स्पष्ट किया गया है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर, विचार और कर्म के बीच संतुलन स्थापित करने का एक प्रभावी माध्यम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 21 जून को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है, लेकिन महाराष्ट्र में आज भी योग के लिए कोई स्वतंत्र शासकीय संस्था अस्तित्व में नहीं है, जो चिंता का विषय है।

उन्होंने बताया कि इस विषय को उन्होंने पहले भी विधानसभा में आधे घंटे की चर्चा के दौरान प्रमुखता से उठाया था। इसके अलावा 27 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र देकर महाराष्ट्र योग आयोग की स्थापना का प्रस्ताव आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था। उस समय मुख्यमंत्री ने संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए थे।

विधायक मुनगंटीवार ने कहा कि 25 मार्च 2026 को विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने गुजरात और राजस्थान की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी योग आयोग स्थापित करने के प्रति सरकार की सकारात्मक भूमिका व्यक्त की थी। साथ ही स्वतंत्र आयुष मंत्रालय के गठन की दिशा में भी कार्यवाही जारी होने की जानकारी दी गई थी। हालांकि अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिस पर उन्होंने खेद व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, गुजरात, हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान जैसे राज्यों में योग आयोग सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। इन आयोगों के माध्यम से योग प्रशिक्षण, अनुसंधान, जनजागरण तथा स्वास्थ्य संवर्धन से जुड़े कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से बढ़ावा मिला है। महाराष्ट्र में भी ऐसी व्यवस्था बनने से लाखों योग साधकों, प्रशिक्षकों, विद्यार्थियों तथा स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा।

मुनगंटीवार ने कहा कि आज बढ़ते मानसिक तनाव, बदलती जीवनशैली और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के दौर में योग एक स्वस्थ, सशक्त और संतुलित समाज के निर्माण का प्रभावी माध्यम बन सकता है। योग आयोग के माध्यम से राज्यभर में योग शिक्षा, अनुसंधान, प्रमाणित प्रशिक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण, जनजागरूकता और स्वास्थ्य संवर्धन के लिए व्यापक नीति तैयार की जा सकती है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित किया है, तो महाराष्ट्र में इस विषय को लेकर उदासीनता क्यों दिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि योग आयोग की स्थापना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य, संस्कार और संतुलित जीवन की मजबूत नींव रखने वाला ऐतिहासिक कदम साबित होगा।

सरकार को भेजा पत्र

विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने 4 जून 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री माधुरी मिसाल को पत्र भेजकर विधानसभा में दिए गए आश्वासन को पूरा करने और शीघ्र “महाराष्ट्र योग आयोग” की स्थापना करने की मांग की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि आगामी 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले ही राज्य सरकार योग आयोग की स्थापना की घोषणा करे, ताकि महाराष्ट्र योग के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सके।

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