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घुग्घुस नकोडा-मुगोलि राफ्टर पुल जानलेवा साबित हो रहा

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घुग्घुस नकोडा-मुगोलि राफ्टर पुल जानलेवा साबित हो रहा



जिला प्रशासन के नियमों कि धज्जियां उड़ाई जा रही।


घुग्घुस:
चंद्रपुर जिले के घुग्घुस में वेकोलि में वर्धा नदी पर मुंगोली पुल का पिलर झुक जाने के कारण जिला प्रशासन ने भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया है। वेकोलि ने पुल के किनारे नदी के पानी में होम पाइप और मिट्टी ,रेत डालकर वैकल्पिक मार्ग (राफ्टर पुल ) शुरू किया है। इस पुल सै वेकोलि मुगोलि,पैनगंगा कोयला खदान से घुग्घुस चंद्रपुर,वणी में रोजाना लाखों टन कोयले का परिवहन किया जा रहा है।परंतु बारीश में पाणी का प्रवाह बढ़ने के पहले इस पुल को हटाना अनिवार्य था। परंतु उसे हटाया नही गया है।वेकोलि प्रशासन द्वारा जिला प्रशासन के दिए गए निर्देश पर अनुपालन नही किया जा रहा। बरसात में नदी में पाणी बढ़ने से यह पुल धोकादायक साबित हो रहा। जिला प्रशासन ने राफ्टर पुल हटाने के लिए निर्देश दिए हैं।
लेकिन वेकोलि ने अभी तक राफ्टर पुल को नहीं हटाया है। इस पुल आने वाले मानसून में कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना होने कि संभावना बनी रहेती है।इसका कौन जिम्मेदार होगा ? यह सवाल नागरिकों द्वारा उठाया जा रहा है। राफ्टर पुल के ऊपर में क्षमता से अधिक कोयले का परिवहन चौबीस घंटे किया जा रहा है।होम पाईप जर्जर होकर रास्ता मिट्टी ,किचड से दब गया है।मानसून दौरान नदी के तेज बहाव में राफ्टर पुल कभी भी बहे सकता है। खदान के ओबी से बने राफ्टर पुल से नदी प्रदूषित हो रही। जिला प्रशासन, सिंचाई विभाग ने कुछ शर्ते पर वेकोलि कंपनी को इस पुलिया को बनाने की अनुमति दी थी। लेकिन कई नियमों की अनदेखी कर कोयले का परिवहन तेजी से किया जा रहा है। राफ्टर पुल कि समय सीमा समाप्त होने के बाद भी कोयले का भारी यातायात रात दिन जारी है। वेकोलि द्वारा जिला प्रशासन के आदेश को ठेगा दिखाया जा रहा । फिलहाल हल्की बारिश के कारण नदी के तल में पानी बहने लगा है जो थोड़ा सूख दिख रहा है। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार 31 मई तक सड़क खोलनी थी। लेकिन 20 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिया को नहीं हटाया गया है। जिला प्रशासन ने भी इसकी अनदेखी की जा है। नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है। नदी के तल में भारी मात्रा में मिट्टी डालकर पुलिया बनाई गई है। अब बारिश हो रही है। पुलिया के बह जाने की आशंका है। नदी का पानी प्रदूषित होने की संभावना है। गौरतलब है कि क्षमता न होने के बावजूद इस पुलिया पर प्रतिदिन 34 से 35 टन वजनी कोयले के ट्रकों का परिवहन किया जा रहा है। इसके लिए कौन जिम्मेदार है? पिछले कुछ दिनों में राज्य के विभिन्न पुल पाणी में बहेने,गीरने की घटनाएं हो रही हैं।नदी में बढ़ते पाणी के प्रवाह से मुंगोली में भी दुर्घटना की आशंका दिख रही है। जिला प्रशासन द्वारा इस बात की अनदेखी की जा रही है। नागरिकों द्वारा यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि मामले पर वेकोलि में कौन जिम्मेदार है?

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