चंद्रपुर के विकास को नई दिशा देने के लिए टाइगर सफारी प्रोजेक्ट को दें रफ्तार — विधायक किशोर जोरगेवार की मांग
चंद्रपुर | विशेष रिपोर्ट
चंद्रपुर के मूल रोड स्थित वन अकादमी के पास प्रस्तावित करीब 500 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले टाइगर सफारी प्रोजेक्ट को जल्द गति देने की मांग विधायक किशोर जोरगेवार ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान उठाई। इस पर जवाब देते हुए वन मंत्री गणेश नाईक ने बताया कि प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है और उस पर लगातार फॉलोअप जारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही इस परियोजना को मंजूरी मिल सकती है।
विधायक जोरगेवार ने कहा कि चंद्रपुर जिला देश में बाघ संरक्षण के लिए जाना जाता है, जो गौरव की बात है, लेकिन इसके गंभीर दुष्परिणाम भी सामने आ रहे हैं। हर साल करीब 250 लोगों की जान बाघों के हमलों में जा रही है। ऐसे में नरभक्षी बाघों के रेस्क्यू के लिए अत्याधुनिक रेस्क्यू सेंटर और टाइगर सफारी प्रोजेक्ट बेहद जरूरी है। इस परियोजना को प्राणी संग्रहालय प्राधिकरण से भी मंजूरी मिल चुकी है, इसलिए इसे जल्द शुरू किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी मांग उठाई कि बाघ और तेंदुओं को पकड़ने के लिए उपयोग में लाए जा रहे पारंपरिक पिंजरों को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाए और उन्हें रिमोट ऑपरेटेड बनाया जाए, ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन अधिक सुरक्षित और प्रभावी हो सके।
इस पर वन मंत्री गणेश नाईक ने बताया कि टाइगर सफारी प्रोजेक्ट का प्रस्ताव केंद्र के पास विचाराधीन है और जल्द ही इसे हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। साथ ही, हिंसक जानवरों को पकड़ने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पिंजरों को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड कर रिमोट ऑपरेटेड करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से चंद्रपुर के विकास को नई दिशा मिलने के साथ-साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।