चिमूर में 5 यूट्यूब पत्रकारों पर रंगदारी का मामला दर्ज, ट्रैक्टर रोककर मांगे थे पैस
चंद्रपुर | चिमूर से बड़ी खबर(ऊष्मा कि आवाज)
चिमूर में खुद को यूट्यूब पत्रकार बताने वाले 5 लोगों के खिलाफ रंगदारी (खंडणी) मांगने का गंभीर मामला सामने आया है। इस पूरे मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता संजय बालबुधे (23 वर्ष), जो बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर का काम करते हैं और वडाळा पैकु, चिमूर के निवासी हैं, उन्होंने 24 मार्च को चिमूर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में बताया गया कि 23 मार्च की रात करीब 10:30 बजे उन्होंने अपना ट्रैक्टर मजदूरों को छोड़ने के लिए उसेगांव भेजा था। इसी दौरान आरोपियों शादुल पचारे, विलास मोहिनकर, शुभम रणदिवे, संजय नागदेवते और जितेंद्र घाडगे ने रास्ते में ट्रैक्टर को रोक लिया।
आरोप है कि आरोपियों ने ट्रैक्टर चालक को धमकाते हुए कहा कि वह अवैध रेत कारोबार करता है और तहसीलदार को बुलाकर कार्रवाई करवाई जाएगी। इसके बदले में आरोपियों ने 15 हजार रुपये की रंगदारी मांगी।
हालांकि ट्रैक्टर खाली होने और केवल मजदूरों को छोड़ने जाने की बात कहने पर शिकायतकर्ता ने पैसे देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने गांव के लोगों को फोन कर मदद बुलाई। मौके पर 8 से 10 ग्रामीण पहुंचते ही आरोपी वहां से फरार हो गए।
लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। अगले दिन 24 मार्च की सुबह आरोपियों ने शिकायतकर्ता को बार-बार फोन कर धमकाना शुरू कर दिया और फिर से पैसे की मांग की। आरोप है कि आरोपियों के यूट्यूब चैनल और साप्ताहिक अखबार चलाने के कारण दबाव में आकर शिकायतकर्ता ने ऑनलाइन 5 हजार रुपये दे दिए।
इसके बावजूद भी आरोपियों की धमकियां जारी रहने पर आखिरकार पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
चिमूर पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 126(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।
इस मामले की जांच पुलिस अधीक्षक मुम्मका सुदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकडे, उपविभागीय पुलिस अधिकारी दिनकर ठोसरे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी दिनेश लबडे की देखरेख में उपनिरीक्षक अमोल बारपात्रे द्वारा की जा रही है।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच तेज कर दी है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।