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विदर्भ के उद्योगों पर बिजली दरों का बोझ, 550 करोड़ का हक तुरंत दें —

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विदर्भ के उद्योगों पर बिजली दरों का बोझ, 550 करोड़ का हक तुरंत दें —



विधायक सुधीर मुनगंटीवार की विधानसभा में जोरदार मांग



मुंबई / विशेष रिपोर्ट(ऊष्मा कि आवाज)
विदर्भ के उद्योगों पर बढ़ते बिजली दरों और पावर इंसेंटिव योजना में किए गए बदलावों से पैदा हुए संकट का मुद्दा विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाया गया। विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने आधे घंटे की चर्चा के दौरान सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि मौजूदा नीतियों के कारण विदर्भ का औद्योगिक क्षेत्र गंभीर संकट में है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में राज्य सरकार ने विदर्भ और मराठवाड़ा के लिए पावर इंसेंटिव योजना शुरू की थी। विदर्भ में राज्य की लगभग 85 प्रतिशत खनिज संपदा मौजूद है और यहां बड़े पैमाने पर कोयला उत्खनन होता है, जिससे स्थानीय लोग प्रदूषण झेलते हैं। इसके बावजूद उन्हीं पर बिजली दरों का अतिरिक्त बोझ डालना अन्यायपूर्ण है।
मुनगंटीवार ने यह भी बताया कि विदर्भ में बड़े स्तर पर बिजली उत्पादन केंद्र होने के बावजूद स्थानीय उद्योगों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि अपने वित्त मंत्री कार्यकाल में उन्होंने विदर्भ के उद्योगों के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था, लेकिन 23 जून 2022 को पावर इंसेंटिव योजना में किए गए बदलावों से उद्योगों की स्थिति बिगड़ गई है।
नई शर्तों के चलते कई उद्योग आर्थिक रूप से कमजोर हो गए हैं, जबकि कुछ बंद होने की कगार पर हैं। इसका सीधा असर क्षेत्र के औद्योगिक विकास और रोजगार पर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मानव विकास सूचकांक में शामिल 125 तालुकों में से 60 तालुके विदर्भ में हैं, इसलिए इस क्षेत्र को विशेष प्रोत्साहन मिलना जरूरी है।
विधायक मुनगंटीवार ने मांग की कि:
विदर्भ के हिस्से के 550 करोड़ रुपये तुरंत जारी किए जाएं
विदर्भ के लिए अलग पावर इंसेंटिव योजना लागू की जाए
बिजली दरों से प्रभावित उद्योगों को विशेष राहत दी जाए
इस पर जवाब देते हुए ऊर्जा राज्यमंत्री मेघना बोर्डीकर ने सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि जल्द ही विधायक मुनगंटीवार के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें 23 जून 2022 के निर्णय की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने आश्वासन दिया कि विदर्भ के उद्योगों को अधिकतम राहत देने के लिए सभी पहलुओं पर विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा। सरकार विदर्भ के उद्योगों को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाएगी, ऐसा भरोसा भी इस दौरान दिया गया।

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