मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आईस्क्रीम विक्रेता खुद को आग लगाई। इलाज के दौरान मौत!
प्रेम संबंध बना मौत की वजह? महिला समेत दो पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज।
चंद्रपुर :(ऊष्मा कि आवाज) चंद्रपुर जिले के राजुरा शहर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां लगातार मानसिक प्रताड़ना, धमकियों और कथित झूठी शिकायतों से परेशान होकर एक आईस्क्रीम विक्रेता ने खुद को आग लगा ली। गंभीर रूप से झुलसे युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। मामले में राजुरा पुलिस ने एक महिला सहित दो लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध दर्ज किया है। मृतक की पहचान राजू जोधाजी गादरी (32) निवासी रामनगर कॉलोनी, राजुरा, मूल निवासी राजस्थान के मिलवाड़ा गांव के रूप में हुई है। वह राजुरा क्षेत्र में आईस्क्रीम बेचकर अपना जीवनयापन करता था। पुलिस ने इस मामले में बेघर बस्ती निवासी सरिता रामकिशोर सिंह उर्फ पुसनाके तथा अथवारी बाजार निवासी राजेंद्र विठ्ठल दोहे के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
प्रेम संबंध के बाद शुरू हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता रीना गणेश आत्राम ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि राजू गादरी और सरिता सिंह के बीच पहले प्रेम संबंध थे। लेकिन बाद में दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि सरिता सिंह लगातार आर्थिक मदद की मांग कर रही थी। जब राजू ने मदद देना बंद किया, तो उसे और उसके परिवार को झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां दी जाने लगीं। परिजनों का आरोप है कि लगातार गाली-गलौज, बदनामी, पुलिस शिकायतों और जान से मारने की धमकियों से राजू पूरी तरह मानसिक तनाव में आ गया था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी राजेंद्र दोहे ने भी धमकियां दी थीं कि “धंधा बंद करो, नहीं तो गोली मार देंगे।”
बताया जा रहा है कि 25 अप्रैल 2026 की सुबह राजू गादरी चंद्रपुर शहर के रय्यतवारी कॉलोनी इलाके में संबंधित महिला से मिलने पहुंचा था। वहीं उसने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। गंभीर हालत में उसे पहले पालीवाल अस्पताल, फिर जिला अस्पताल और बाद में कोल सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थिति बिगड़ने पर उसे नागपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। बाद में परिजन उसे राजस्थान के उदयपुर स्थित महाराणा भूपाल अस्पताल ले गए, जहां 9 मई 2026 को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मरने से पहले वीडियो में बयां किया दर्द
परिजनों का दावा है कि उपचार के दौरान राजू गादरी ने एक वीडियो बनाकर सरिता सिंह और राजेंद्र दोहे द्वारा किए जा रहे मानसिक उत्पीड़न और झूठी शिकायतों का जिक्र किया था। वीडियो में उसने कथित तौर पर बताया कि लगातार हो रहे दबाव और बदनामी से वह टूट चुका था। राजुरा पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच पुलिस निरीक्षक आसिफराजा शेख के मार्गदर्शन में पुलिस उपनिरीक्षक भीष्मराज सोराटे कर रहे हैं।