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राजुला मे पांच दिनों से सूखे नल, महिलाओं का फूटा गुस्सा

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राजुला मे पांच दिनों से सूखे नल, महिलाओं का फूटा गुस्सा



घड़े लेकर नगर परिषद पहुंचीं सैकड़ों महिलाएं, 24 घंटे में जलापूर्ति बहाल नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी


राजुरा, प्रतिनिधि। राजुरा शहर में पिछले पांच दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप होने से नाराज महिलाओं ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी एवं भारतीय जनता महिला मोर्चा के नेतृत्व में नगर परिषद कार्यालय पर जोरदार “घागर मोर्चा” निकालकर प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया।

सिर पर पानी के घड़े, हाथों में ज्ञापन और प्रशासन विरोधी नारों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं नगर परिषद कार्यालय पहुंचीं। आंदोलनकारियों ने जलापूर्ति विभाग के अधिकारियों का घेराव कर पानी संकट को लेकर तीखे सवाल पूछे। महिलाओं ने कहा कि जब नागरिक नियमित रूप से कर भर रहे हैं तो उन्हें मूलभूत सुविधा के रूप में पानी क्यों नहीं मिल रहा है।

प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि 13 जून से शहर के अधिकांश इलाकों में नलों से पानी की एक बूंद तक नहीं आई है। जहां कहीं पानी पहुंच भी रहा है, वहां दूषित और बदबूदार पानी की आपूर्ति हो रही है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। भीषण गर्मी में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

महिलाओं ने जलापूर्ति अभियंता सुमित खापर्डे के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हुए नगर परिषद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि अब जनता की समस्याओं से मुंह मोड़ रहे हैं।

आंदोलन के दौरान “पानी नहीं तो टैक्स क्यों?”, “जनता को पानी दो, वरना कुर्सी छोड़ो” और “पांच दिन पानी बंद, नगराध्यक्ष क्यों मौन?” जैसे नारों से नगर परिषद परिसर गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि अगले 24 घंटे में नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर नगर परिषद कार्यालय को ताला लगाने का भी कदम उठाया जाएगा।

इस घागर मोर्चे में भाजपा शहर अध्यक्ष सुरेश रागीट, भाजपा नेता राधेश्याम अडाणिया, विनोद नरेंदुलवार, मंगेश श्रीराम, शहर महामंत्री सचिन भोयर, ग्रामीण महामंत्री हरिदास झाड़े, नगरसेवक प्रफुल कावळे, भूपेश मेश्राम, अमोल चिल्लावार, मयुरी पहानपट्टे, प्रीति रेकलवार, अधिवक्ता रजनी बोढे, तेजस्विनी कावळे, सागर भटपल्लीवार, प्रदीप बोबडे, गणेश रेकलवार, उमेश गोरे, स्वप्नील पहानपट्टे, अमोल मोरे, अभिजीत कोंडावार, विवेक राठोड, सलमान खान, श्रीकांत पित्तलवार, रवींद्र आत्राम, राकेश आदे, उमा झाड़े, शालिनी बोबडे सहित भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में महिलाएं और नागरिक शामिल हुए।

राजुरा में जल संकट लगातार गहराता जा रहा है और अब नागरिकों का धैर्य जवाब देता दिखाई दे रहा है। घागर मोर्चे ने प्रशासन के सामने जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

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