
आरक्षण व्यवस्था की समयबद्ध समीक्षा की मांग
हिंदी ब्राह्मण समाज ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
सामाजिक न्याय, समान अवसर और व्यापक जनसंवाद पर दिया जोर, केंद्र व राज्य सरकार से निष्पक्ष समीक्षा की अपील
चंद्रपुर। आरक्षण व्यवस्था की समयबद्ध, निष्पक्ष एवं वस्तुनिष्ठ समीक्षा की मांग को लेकर हिंदी ब्राह्मण समाज बहुउद्देशीय संस्था, चंद्रपुर (महाराष्ट्र) ने गुरुवार को जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार को ज्ञापन भेजा। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार लालता प्रसाद तिवारी के नेतृत्व में पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरक्षण नीति की समय-समय पर समीक्षा करने तथा इस विषय पर व्यापक जनसंवाद शुरू करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया है कि देशभर में आरक्षण व्यवस्था को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा चल रही है। विशेष रूप से युवा वर्ग और आम नागरिक सोशल मीडिया तथा सार्वजनिक मंचों पर समान अवसर, सामाजिक न्याय और योग्यता आधारित व्यवस्था जैसे मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं। ऐसे में वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आरक्षण नीति की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष समीक्षा आवश्यक है।
संस्था ने स्पष्ट किया कि यह मांग किसी भी समाज, वर्ग या समुदाय के विरोध में नहीं है, बल्कि संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय, समान अवसर और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए की गई है। ज्ञापन में आग्रह किया गया कि किसी भी नीति में परिवर्तन या निर्णय लेने से पहले सभी संबंधित पक्षों, विशेषज्ञों और नागरिकों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाए।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
- आरक्षण व्यवस्था की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाए।
- सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर समय-समय पर नीति का मूल्यांकन किया जाए।
- सामाजिक न्याय और समान अवसर के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए व्यापक जनसंवाद आयोजित किया जाए।
- किसी भी नीति-निर्णय से पहले सभी संबंधित पक्षों एवं विशेषज्ञों से चर्चा की जाए।
- संविधान के मूल्यों, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
इस अवसर पर डॉ. विनोद कुमार तिवारी, धीरेन्द्र कुमार मिश्रा, कृपाशंकर उपाध्याय, रजनीश त्रिपाठी, सुरेंद्र तिवारी, पं. मथुरा प्रसाद पाण्डेय, जगदीश तिवारी, अशोक मिश्रा, अनंत तिवारी, प्रकाश पाण्डेय, अजय मिश्रा, मनोज मिश्रा, संतोष चक्रवर्ती, सौ. पूनम सुभाष झा (जिला संयोजिका), सौ. सुमन रजनीश त्रिपाठी (महानगर अध्यक्षा), सौ. गायत्री महेंद्र तिवारी (महानगर उपाध्यक्षा), सौ. सविता अजय मिश्रा, दुर्गेश चौबे (महानगर अध्यक्ष), उग्रसेन पाण्डेय, नरेंद्र (पप्पू) मिश्रा, सुनील मिश्रा (मुन्ना), सुनीत मिश्रा, आशिष (राजा) मिश्रा, प्रवीण दीक्षित, राकेश तिवारी, संदीप शुक्ला, राहुल शुक्ला, शैलेंद्र द्विवेदी, अधर मिश्रा, अमन द्विवेदी, कुणाल द्विवेदी, मनकामना मिश्रा सहित हिंदी ब्राह्मण समाज के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
डॉ. विनोद कुमार लालता प्रसाद तिवारी ने कहा कि “हमारा निवेदन किसी भी समाज, वर्ग अथवा समुदाय के विरुद्ध नहीं है। हमारा उद्देश्य केवल संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय, समान अवसर और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए आरक्षण व्यवस्था की निष्पक्ष समीक्षा पर विचार करना है।”










