
साइबर अपराध और नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश
गृह राज्य मंत्री डॉ. पंकज भोयर ने की पुलिस व्यवस्था की समीक्षा
सीमा चौकियों पर निगरानी बढ़ाने, महिलाओं की सुरक्षा और साइबर जागरूकता अभियान चलाने पर दिया जोर
चंद्रपुर। महाराष्ट्र के गृह (ग्रामीण) राज्य मंत्री डॉ. पंकज भोयर ने चंद्रपुर जिले में बढ़ते साइबर अपराध और नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस विभाग को इन अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीक का दुरुपयोग कर साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं नशीले पदार्थों की तस्करी, बिक्री और सेवन भी समाज के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। इन दोनों प्रकार के अपराधों को रोकने के लिए पुलिस को विशेष रणनीति अपनानी होगी।
डॉ. भोयर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जिले की कानून-व्यवस्था एवं पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में जिलाधिकारी वासुमना पंत, पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ईश्वर कटकाडे, सभी उपविभागीय पुलिस अधिकारी तथा पुलिस निरीक्षक उपस्थित थे।
बैठक में गृह राज्य मंत्री ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में आम नागरिकों की मेहनत की कमाई कुछ ही मिनटों में ठगों के खातों में पहुंच जाती है। इसलिए लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए और प्रत्येक पुलिस थाना अपने क्षेत्र में साइबर अपराध रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभाए।
उन्होंने जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी, परिवहन, बिक्री और सेवन पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी थाना क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
चंद्रपुर के राज्य सीमा से जुड़े औद्योगिक जिला होने का उल्लेख करते हुए डॉ. भोयर ने सीमा चौकियों पर कड़ी निगरानी रखने, आवश्यक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा गौ-तस्करी और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को समय-समय पर औचक निरीक्षण करने तथा ग्राम पुलिस पाटिलों के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित करने का भी सुझाव दिया।
बैठक के दौरान पुलिस विभाग द्वारा पिछले एक महीने में बरामद किए गए 105 गुम मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए गए। इनमें अनिकेत दुमरकर, प्रेम काइट, मंगेश फाटिंग सहित अन्य नागरिक शामिल थे।
महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए गृह राज्य मंत्री ने कहा कि दामिनी दस्ते की गश्त बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बढ़ाई जाए ताकि महिलाएं स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें। साथ ही पुलिस को अपने मुखबिर तंत्र को मजबूत करने और नागरिकों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले की अपराध स्थिति, उपलब्ध पुलिस बल, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रयास, साइबर अपराध नियंत्रण, नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान, मोक्का के तहत की गई कार्रवाई, गौ-तस्करी, पासपोर्ट सत्यापन, चरित्र प्रमाण पत्र वितरण, आत्मरक्षा प्रशिक्षण तथा यातायात जागरूकता अभियानों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।










