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केंद्र-राज्य सरकार में ‘बदलाव जरूरी है’ का नारा, वणी से CPI का दूसरा जत्था दिल्ली रवाना

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केंद्र-राज्य सरकार में ‘बदलाव जरूरी है’ का नारा, वणी से CPI का दूसरा जत्था दिल्ली रवाना



महंगाई, बेरोजगारी और मजदूरों के मुद्दों को लेकर 1 सितंबर को रामलीला मैदान में होगी ‘बदलाव जरूरी है’ महारैली


वणी (यवतमाल)। केंद्र एवं राज्य सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) की ओर से 1 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘बदलाव जरूरी है’ महारैली का आयोजन किया गया है। इस महारैली में शामिल होने के लिए वणी सहित यवतमाल जिले से CPI कार्यकर्ताओं और समर्थकों का दूसरा जत्था दिल्ली के लिए रवाना हुआ।

जिले से रवाना हुए सैकड़ों कार्यकर्ताओं का नेतृत्व जिला सचिव कॉ. अनिल घाटे, वणी तहसील सचिव कॉ. मोरेश्वर कुंटलवार, बाभुलगांव तहसील प्रभारी कॉ. दीपक माहुरे, नेर तहसील सचिव कॉ. दिलीप महाजन, किसान सभा अध्यक्ष कॉ. पंढरी मोहितकर तथा सचिव कॉ. रवि गोरे ने किया। कार्यकर्ता विभिन्न वाहनों से दिल्ली के लिए रवाना हुए।

महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ आवाज

CPI कार्यकर्ताओं ने ‘केंद्र-राज्य सरकार में बदलाव जरूरी है’, ‘महंगाई पर लगाम लगाओ’, ‘युवाओं को रोजगार दो’, ‘मजदूरों के अधिकार सुरक्षित करो’ जैसे नारे लगाते हुए अपनी मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने का संकल्प व्यक्त किया।

कार्यकर्ताओं ने आंगनवाड़ी, आशा तथा स्कूल पोषण आहार कर्मचारियों के वेतन का मुद्दा भी उठाया। उनकी प्रमुख मांगों में संबंधित कर्मचारियों को 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन तथा 9 हजार रुपये मानदेय और उस पर महंगाई भत्ता देने की मांग शामिल है।

इसके अलावा किसानों की समस्याओं, मजदूरों के अधिकार, सार्वजनिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने तथा शिक्षा और स्वास्थ्य के निजीकरण को रोकने की मांग भी इस आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल है।

देशभर से दिल्ली पहुंचेंगे कार्यकर्ता

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय आह्वान पर देशभर से कार्यकर्ता दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित महारैली में शामिल होंगे। रैली के माध्यम से रोजगार, सार्वजनिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य, किसानों को उचित मूल्य, मजदूरों के अधिकार, सामाजिक न्याय, महिला आरक्षण तथा लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक मूल्यों की रक्षा जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएंगे।

CPI कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं तीव्र करने का संकल्प व्यक्त किया।

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