पत्नी के चरित्र पर शक कर जान से मारने की कोशिश, पति को 5 साल की सजा
चंद्रपुर जिला एवं सत्र न्यायालय का फैसला; आरोपी पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी
चंद्रपुर। पत्नी के चरित्र पर संदेह करते हुए उस पर धारदार हथियार से हमला कर जान से मारने का प्रयास करने वाले पति को चंद्रपुर जिला एवं सत्र न्यायालय ने 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
पुलिस के अनुसार, 3 फरवरी 2023 को दोपहर करीब 2:30 बजे पीड़ित महिला अस्पताल का काम पूरा कर घर लौट रही थी। इसी दौरान आरोपी पति ने स्वागत मंगल कार्यालय के पीछे उसे रोका और घर चलने के लिए कहा। पत्नी द्वारा घर जाने से इनकार करने पर आरोपी ने कथित तौर पर धारदार हथियार से उसके सिर, हाथ और पैर पर दो-तीन बार वार कर उसे जान से मारने की कोशिश की।
घटना के बाद पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ब्रह्मपुरी पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 48/2023 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया और आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जांच में जुटाए गए महत्वपूर्ण सबूत
मामले की गहन जांच करते हुए जांच अधिकारी ने प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद समय पर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
मामले की सुनवाई चंद्रपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में न्यायाधीश पी. एम. गुप्ता के समक्ष हुई। सरकारी पक्ष की ओर से सरकारी अभियोक्ता एडवोकेट सुधाकर डेगावार ने प्रभावी पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों को प्रस्तुत किया।
31 अगस्त 2026 को सुनाया गया फैसला
न्यायालय ने सरकारी पक्ष की दलीलों और प्रस्तुत साक्ष्यों को स्वीकार करते हुए 31 अगस्त 2026 को आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत 5 वर्ष के कठोर कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपी को एक माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
इन अधिकारियों ने की मामले में कार्रवाई
इस मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक सुरेंद्र प्रभाकर उपरे, पुलिस थाना ब्रह्मपुरी ने की। न्यायालयीन पैरवी अधिकारी के रूप में पुलिस अंमलदार प्रकाश शेंदरे (ब.नं. 227) ने कार्य किया।
यह कार्रवाई चंद्रपुर के पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी, अपर पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकडे तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी, ब्रह्मपुरी के मार्गदर्शन में दोषसिद्धि कक्ष, चंद्रपुर द्वारा पूरी की गई।










