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दवाइयों के तीन गोदाम धू-धूकर जले, करोड़ों का नुकसान!

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दवाइयों के तीन गोदाम धू-धूकर जले, करोड़ों का नुकसान!



रघुवंशी कॉम्प्लेक्स में तड़के लगी भीषण आग से मचा हड़कंप; 30 से ज्यादा दमकल वाहनों ने संभाला मोर्चा


चंद्रपुर, 9 सितंबर 2026। चंद्रपुर शहर के मध्य स्थित रघुवंशी कॉम्प्लेक्स में बुधवार तड़के उस समय हड़कंप मच गया, जब इंडियन मेडिक्स एजेंसी के तीन गोदामों में अचानक भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और गोदामों में रखी बड़ी मात्रा में दवाइयां तथा चिकित्सा सामग्री आग की चपेट में आ गई।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आग की इस घटना में करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान जताया जा रहा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना में अभी तक किसी व्यक्ति के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है।

सुबह 3 बजे लगी आग, घंटों तक जारी रहा रेस्क्यू ऑपरेशन

बताया जा रहा है कि आग बुधवार सुबह करीब 3 बजे लगी। आग की लपटें और धुआं उठता देखकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया।

आग की भयावहता को देखते हुए 30 से 35 दमकल वाहनों की मदद ली गई। दमकलकर्मी कई घंटों तक आग बुझाने में जुटे रहे। शाम करीब 6 बजे तक भी आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के प्रयास जारी थे।

दवाइयां और मेडिकल सामान जलकर खाक

इंडियन मेडिक्स एजेंसी के मालिक आकाश पजंकर और कमलेश पजंकर बताए जा रहे हैं। कॉम्प्लेक्स में एजेंसी के तीन गोदाम थे, जहां बड़ी मात्रा में दवाइयां और चिकित्सा सामग्री स्टोर की गई थी।

आग की चपेट में आने से गोदामों में रखा अधिकांश सामान जलकर नष्ट हो गया। एजेंसी के काउंटर पर रखी करीब 6 लाख रुपये की नकदी भी जलने की जानकारी सामने आई है।

फिलहाल आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हुई है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि आधिकारिक जांच के बाद ही आग के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

तंग गलियों ने बढ़ाई दमकल कर्मियों की मुश्किल

रघुवंशी कॉम्प्लेक्स तक दमकल वाहनों को पहुंचाने में भी जवानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। परिसर के आसपास पर्याप्त खुली जगह नहीं होने के कारण दमकल वाहनों को तीनों तरफ से आसानी से पहुंचने में परेशानी हुई।

एक संकरी गली से पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाकर आग बुझाने का प्रयास किया गया। तंग रास्तों और सीमित जगह के कारण दमकल कर्मियों के सामने आग पर काबू पाने की चुनौती और बढ़ गई।

आसपास की दुकानों और रिहायशी इलाके पर मंडराया खतरा

रघुवंशी कॉम्प्लेक्स में मोबाइल, कपड़े और अन्य कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित होते हैं। इसके अलावा आसपास रिहायशी क्षेत्र भी मौजूद है। आग यदि समय रहते नियंत्रित नहीं होती तो आसपास की दुकानों और इमारतों तक इसके फैलने का खतरा था।

इसी वजह से कुछ समय के लिए पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना रहा। दमकल विभाग की लगातार कोशिशों से आग को आसपास फैलने से रोकने पर जोर दिया गया।

आग ने खड़े किए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस घटना के बाद शहर के व्यावसायिक परिसरों में फायर सेफ्टी, आपातकालीन रास्ते और पार्किंग व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या रघुवंशी कॉम्प्लेक्स सहित शहर के अन्य व्यावसायिक परिसरों में अग्निशमन व्यवस्था और भवन निर्माण नियमों का पर्याप्त पालन किया जा रहा है।

अब नागरिकों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस घटना को गंभीरता से लेते हुए शहर के व्यावसायिक परिसरों की फायर सेफ्टी व्यवस्था का निरीक्षण करता है या नहीं।

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