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लालपुलिया सड़क पर कोयला ढुलाई का ‘काला असर’, अब प्रशासन ने कसी कमर!

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लालपुलिया सड़क पर कोयला ढुलाई का ‘काला असर’, अब प्रशासन ने कसी कमर!



धूल, कीचड़ और ट्रकों की लंबी कतारों से परेशान ग्रामीणों को राहत; सड़क पर ट्रक खड़े करने पर रोक, डेपो में पार्किंग का फैसला
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वणी। तहसील के लालपुलिया परिसर में कोयला परिवहन से पैदा हो रही धूल, कीचड़, गंदगी और ट्रकों की लंबी कतारों ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी थी। सड़क पर उड़ती धूल से जहां नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, वहीं भारी वाहनों की आवाजाही के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी मंडरा रहा था। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद आखिरकार प्रशासन और वणी कोल एसोसिएशन ने इस समस्या के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाना शुरू कर दिया है।

इस मुद्दे को लेकर 1 सितंबर को विधायक संजय देरकर की अध्यक्षता में वणी पुलिस थाने में बैठक आयोजित की गई थी। इसके बाद 4 सितंबर को वणी कोल एसोसिएशन और प्रशासन के बीच हुई बैठक में लालपुलिया सड़क की बदहाल स्थिति और कोयला परिवहन से जुड़ी समस्याओं पर गंभीर चर्चा की गई।

सड़क पर सफाई अभियान, धूल रोकने के लिए पानी का छिड़काव

ग्रामीणों की शिकायतों के बाद वणी कोल एसोसिएशन की ओर से पिछले तीन दिनों से लालपुलिया सड़क पर विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। सड़क के दोनों ओर जमा धूल और गंदगी को हटाया जा रहा है।

इतना ही नहीं, उड़ती धूल पर नियंत्रण पाने के लिए सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव करने की व्यवस्था भी शुरू की गई है। इससे क्षेत्र में धूल की समस्या कम होने और नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

सड़क पर ट्रकों की पार्किंग बंद, डेपो में खड़े होंगे वाहन

लालपुलिया सड़क पर ट्रकों की लंबी कतारें और इससे होने वाली यातायात बाधा को देखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। अब ट्रकों को सड़क किनारे खड़ा करने के बजाय डेपो में पार्क करने की व्यवस्था की जाएगी।

इस फैसले से सड़क पर जाम, धूल और दुर्घटनाओं के खतरे को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

विधायक संजय देरकर ने दिए सख्त निर्देश

1 सितंबर की बैठक में विधायक संजय देरकर ने कोयला परिवहन से जुड़े लोगों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सड़क पर कोयला नहीं गिरना चाहिए और प्रत्येक ट्रक पर तिरपाल अच्छी तरह से बांधी जानी चाहिए।

नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए थे।

ग्रामीणों की शिकायत के बाद हरकत में आया तंत्र

लालपुलिया क्षेत्र में लंबे समय से धूल, कीचड़, कोयले के कण और भारी वाहनों की आवाजाही से नागरिक परेशान थे। ग्रामीणों की शिकायतों के बाद अब संबंधित स्तर पर कार्रवाई शुरू होने से उन्हें कुछ राहत मिली है।

हालांकि, कोयला परिवहन और नागरिकों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है। सफाई, पानी का नियमित छिड़काव, ट्रकों की डेपो में पार्किंग और परिवहन नियमों का सख्ती से पालन ही लालपुलिया की समस्या का स्थायी समाधान साबित हो सकता है।

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