विधायक सुधीर मुनगंटीवार की पहल पर चंद्रपुर जिले के 45 तालाबों के लिए 15.75 करोड़ रुपये के फंड पर सकारात्मक निर्णय
चंद्रपुर :
राज्य के पूर्व वन, सांस्कृतिक कार्य एवं मत्स्य व्यवसाय मंत्री तथा विधायक सुधीर मुनगंटीवार की पहल पर चंद्रपुर जिले सहित बल्लारपुर विधानसभा क्षेत्र के मामा तालाबों और अन्य पुराने मालगुजारी तालाबों के विकास, दुरुस्ती और सौंदर्यीकरण को लेकर मंत्रालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में तालाबों के पुनरुद्धार, जलसंधारण, सिंचन क्षमता बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पानी उपलब्धता सुधारने को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।
मंत्रालय में मृद एवं जलसंधारण विभाग के सचिव जितेंद्र पापळकर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने बल्लारपुर विधानसभा क्षेत्र के तालाबों की वर्तमान स्थिति, भारी मात्रा में जमा गाद, घटती जलसंग्रहण क्षमता और ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
विधायक मुनगंटीवार ने कहा कि जलसंधारण के माध्यम से खेती, पेयजल और ग्रामीण विकास को नई गति दी जा सकती है। उन्होंने तालाबों की मरम्मत और सौंदर्यीकरण के लिए आवश्यक निधि और प्रशासनिक मंजूरी तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की।
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय सा. कन्नमवार के जन्मस्थान मारोडा स्थित ऐतिहासिक तालाब के सौंदर्यीकरण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। विधायक मुनगंटीवार के आग्रह पर मारोडा तालाब के विकास और सौंदर्यीकरण को लेकर सकारात्मक निर्णय लिया गया।
इसके अलावा चंद्रपुर जिले और बल्लारपुर विधानसभा क्षेत्र के कुल 45 तालाबों की मरम्मत और पुनर्जीवन कार्यों के लिए लगभग 15 करोड़ 75 लाख रुपये का निधि उपलब्ध कराने पर सहमति बनी। तालाबों की संभावित टूट-फूट और आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला नियोजन समिति (DPC) के माध्यम से भी आवश्यक निधि उपलब्ध कराने पर सकारात्मक भूमिका अपनाई गई।
बैठक के दौरान सचिव जितेंद्र पापळकर ने लपा तालाब को मामा तालाब से जोड़ने संबंधी प्रस्ताव तत्काल शासन को भेजने के निर्देश वसुमना पंत को दिए। साथ ही सभी प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी के लिए शासन को भेजने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। आगामी जून 2026 अधिवेशन के “व्हाइट बुक” में भी इन परियोजनाओं को शामिल करने को लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही गई।
बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल जिलाधिकारी वसुमना पंत ने भरोसा दिलाया कि संबंधित सभी प्रस्ताव जल्द शासन को भेजे जाएंगे। इस दौरान जलसंधारण, कृषि विकास, ग्रामीण जल उपलब्धता और पर्यावरण संतुलन के दृष्टिकोण से इन निर्णयों को बेहद महत्वपूर्ण बताया गया।
बैठक में प्रादेशिक जलसंधारण अधिकारी नागपुर श्री खटके, अधीक्षक अभियंता प्रकाश पाटील, जिला जलसंधारण अधिकारी निलिमा मंडपे, जिला परिषद कार्यकारी अभियंता संदीप खांबाईत तथा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह भी उपस्थित थे।