Home Health & Fitness चंद्रपुर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने मैदान में उतरे आ. सुधीर मुनगंटीवार

चंद्रपुर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने मैदान में उतरे आ. सुधीर मुनगंटीवार

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चंद्रपुर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने मैदान में उतरे आ. सुधीर मुनगंटीवार

100 होमगार्ड तैनात करने की बड़ी मांग, IG ने एक हफ्ते में कार्रवाई का दिया भरोसा
बढ़ते हादसे, ट्रैफिक जाम और पुलिस पर भारी दबाव को लेकर आ. मुनगंटीवार सख्त
रिंग रोड, ड्रंक एंड ड्राइव अभियान और आधुनिक ट्रैफिक सिस्टम पर भी जोर

चंद्रपुर:

औद्योगिक नगरी चंद्रपुर में लगातार बढ़ती ट्रैफिक अव्यवस्था, सड़क हादसों की भयावह स्थिति और यातायात पुलिस पर बढ़ते दबाव को लेकर पूर्व वन एवं सांस्कृतिक कार्य मंत्री तथा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने बड़ा कदम उठाया है। जिले की बिगड़ती यातायात व्यवस्था को लेकर उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के साथ विस्तृत चर्चा कर तत्काल ठोस उपाययोजनाएं लागू करने की मांग की।

आ. मुनगंटीवार ने ट्रैफिक नियंत्रण के लिए जिले में कम से कम 100 होमगार्ड नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा, जिसमें 75 पुरुष और 25 महिला होमगार्ड शामिल करने की मांग की गई। इस पर पुलिस महानिरीक्षक ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

चंद्रपुर की सड़कों पर बढ़ रहा दबाव,

जनता रोज भुगत रही परेशानी”

चर्चा के दौरान आ. मुनगंटीवार ने स्पष्ट कहा कि चंद्रपुर जिले में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन उसके मुकाबले ट्रैफिक नियंत्रण के संसाधन और मनुष्यबल बेहद कम हैं। परिणामस्वरूप शहर के प्रमुख चौक, राष्ट्रीय राजमार्ग और बाजार क्षेत्र रोजाना भारी ट्रैफिक जाम की चपेट में रहते हैं।

उन्होंने कहा कि ट्रैफिक जाम के कारण आम नागरिकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और मरीजों को भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार एम्बुलेंस तक जाम में फंस जाती हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।

ड्रंक एंड ड्राइव बना बड़ा खतरा

आ. मुनगंटीवार ने जिले में बढ़ती “ड्रंक एंड ड्राइव” घटनाओं को भी गंभीर मुद्दा बताते हुए विशेष अभियान चलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क हादसों पर नियंत्रण पाना मुश्किल होगा।

उन्होंने पुलिस प्रशासन से नियमित जांच अभियान, नाकाबंदी और आधुनिक ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने की मांग भी की।

 

औद्योगिक जिले पर ट्रैफिक का भारी बोझ

 

चंद्रपुर जिला कोयला खदानों, सीमेंट उद्योग, पेपर मिल, बिजली उत्पादन केंद्रों और प्रसिद्ध ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व के कारण राज्य के सबसे व्यस्त जिलों में गिना जाता है। जिले से रोजाना हजारों भारी वाहन गुजरते हैं।

आंकड़ों के अनुसार जिले में 8 लाख 41 हजार से अधिक वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें लाखों दोपहिया, हजारों चारपहिया और करीब 90 हजार भारी वाहन शामिल हैं। इसके अलावा बाहर से आने वाले ट्रकों और मालवाहक वाहनों का दबाव अलग है।

चंद्रपुर शहर से होकर गुजरने वाला राष्ट्रीय महामार्ग क्रमांक 930 दिन-रात वाहनों से व्यस्त रहता है। शहर में कम से कम 12 प्रमुख स्थानों पर स्थायी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के 20 से अधिक स्थानों पर भी हालात गंभीर हैं।

सड़क हादसों के आंकड़े बढ़ा रहे चिंता

जिले में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े लगातार प्रशासन की चिंता बढ़ा रहे हैं। वर्ष 2023 में 792, वर्ष 2024 में 785 और वर्ष 2025 में अब तक 753 सड़क हादसे दर्ज किए जा चुके हैं। इन हादसों में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

 

रिंग रोड और अलग ट्रैफिक फोर्स की जरूरत

 

आ. सुधीर मुनगंटीवार ने चंद्रपुर शहर के लिए रिंग रोड निर्माण की आवश्यकता को फिर जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि भारी वाहनों को शहर के बाहर से डायवर्ट करने के लिए रिंग रोड बेहद जरूरी है।

इसके साथ ही उन्होंने ट्रैफिक पुलिस पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए स्वतंत्र और सक्षम ट्रैफिक फोर्स तैयार करने तथा प्रमुख चौकों पर होमगार्ड तैनात करने का सुझाव दिया।

जल्द दिख सकते हैं बड़े बदलाव

पुलिस महानिरीक्षक द्वारा सकारात्मक आश्वासन दिए जाने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में चंद्रपुर जिले की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यदि होमगार्ड नियुक्ति, ड्रंक एंड ड्राइव अभियान और आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन प्रभावी तरीके से लागू हुआ, तो नागरिकों को ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों से काफी राहत मिल सकती है।

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