लंपी रोग से बचाव के लिए 37.52 लाख गोटपॉक्स वैक्सीन डोज का वितरण शुरू
पशुपालकों से टीकाकरण अभियान में सहयोग करने की अपील
चंद्रपुर, ()12 जून: राज्य के गौवंशीय पशुधन को लंपी स्किन डिजीज (Lumpy Skin Disease) से सुरक्षित रखने के लिए वर्ष 2026-27 हेतु आवश्यक गोटपॉक्स वैक्सीन का उत्पादन शुरू कर दिया गया है। पशुवैद्यकीय जैवपदार्थ निर्माण संस्था, पुणे द्वारा तैयार की जा रही वैक्सीन की पहली खेप के रूप में 37 लाख 52 हजार डोज जिलावार वितरण के लिए जारी की गई हैं।
पशुसंवर्धन आयुक्त डॉ. किरण पाटील ने बताया कि 21वीं पशुगणना के आधार पर राज्य के विभिन्न जिलों में गौवंशीय पशुधन की संख्या को ध्यान में रखते हुए वैक्सीन वितरण की योजना बनाई गई है। उन्होंने सभी जिलों में लंपी रोग प्रतिबंधक टीकाकरण अभियान को युद्धस्तर पर और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
पशुसंवर्धन विभाग ने जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वैक्सीन की आपूर्ति के दौरान कोल्ड चेन (शीत श्रृंखला) किसी भी स्थिति में बाधित न हो। वैक्सीन प्राप्त होते ही अधिक दूध देने वाली तथा उच्च उत्पादन क्षमता वाली गायों और पशुओं को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगाया जाए।
पशुवैद्यकीय जैवपदार्थ निर्माण संस्था के सहआयुक्त डॉ. याहया खान पठाण ने सभी जिला उपआयुक्तों को निर्देश दिए हैं कि टीकाकरण की दैनिक रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में प्रतिदिन सुबह 11 बजे तक विभाग को भेजी जाए, ताकि अभियान की प्रभावी निगरानी की जा सके।
हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर विशेष फोकस
पिछले वर्ष जिन तालुकों और क्षेत्रों में लंपी रोग का प्रकोप अधिक देखा गया था, वहां विशेष प्राथमिकता के साथ टीकाकरण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए सहकारी दुग्ध संघों, स्वयंसेवी संस्थाओं, निजी पशु चिकित्सकों तथा अन्य सेवा प्रदाताओं का सहयोग भी लिया जाएगा।
पशुधन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
पशुसंवर्धन आयुक्त डॉ. किरण पाटील ने कहा कि लंपी जैसे संक्रामक रोगों से राज्य के पशुधन की रक्षा करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय का प्रमुख आधार है। इसलिए गोटपॉक्स टीकाकरण ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
उन्होंने सभी पशुपालकों से अपील की कि वे विभाग के साथ सहयोग करते हुए अपने पशुओं का समय पर टीकाकरण करवाएं, ताकि लंपी रोग के खतरे को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सके।