सोनसरी आश्रमशाला की छात्रा की आत्महत्या के मामले में जांच और कार्रवाई के आदेश
अधीक्षिका को तत्काल निलंबित कर मामला दर्ज करने के निर्देश; पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता
महाराष्ट्र प्रदेश प्रमुख हनिफ शेख
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ऊष्मा कि आवाज
गड़चिरोली, संवाददाता। महाराष्ट्र के गड़चिरोली जिले के कुरखेड़ा तहसील अंतर्गत सोनसरी स्थित शासकीय आश्रमशाला में कक्षा आठवीं में पढ़ने वाली 14 वर्षीय छात्रा की आत्महत्या के मामले को आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उईके ने गंभीरता से लिया है। मंत्री ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने, संबंधित अधीक्षिका को तत्काल निलंबित करने और उसके खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, आदिवासी विकास परियोजना कार्यालय की ओर से मृत छात्रा के परिजनों को दो लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान दिया गया है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मंत्री डॉ. अशोक उईके ने कुरखेड़ा उपजिला अस्पताल पहुंचकर छात्रा के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली। साथ ही, संबंधित अधिकारियों से भी पूरे मामले का विवरण प्राप्त किया। मंत्री ने परिजनों को आश्वासन दिया कि उन्हें न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री डॉ. उईके ने आश्रमशाला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घटना के लिए जिम्मेदारी तय की जाए और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
सभी शासकीय आश्रमशालाओं की नियमित समीक्षा के निर्देश
मंत्री डॉ. अशोक उईके ने गड़चिरोली परियोजना के अंतर्गत आने वाली सभी शासकीय आश्रमशालाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश परियोजना अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि आश्रमशालाओं के मुख्याध्यापकों, अधीक्षकों और अधीक्षिकाओं के साथ नियमित संवाद एवं संपर्क बनाए रखा जाए, ताकि स्कूलों और छात्रावासों में विद्यार्थियों की स्थिति तथा व्यवस्थाओं की जानकारी समय-समय पर मिलती रहे।
उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी आश्रमशाला में इस तरह की घटना होती है, तो संबंधित परियोजना अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद शासकीय आश्रमशालाओं में विद्यार्थियों की सुरक्षा, प्रशासनिक जिम्मेदारी और छात्रावासों की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब मामले की जांच और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।










