तडाली एमआईडीसी प्रदूषण मामले की होगी उच्चस्तरीय जांच,
पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने दिया आश्वास
चंद्रपुर:
चंद्रपुर जिले के ताडाली एमआईडीसी स्थित विमला साइडिंग में कथित रूप से निम्न गुणवत्ता अथवा मिलावटी कोयले के भंडारण, परिवहन तथा बढ़ते वायु प्रदूषण के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर कांग्रेस के श्रमिक नेता एवं चंद्रपुर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के संचालक दिनेश दादापाटील चोखारे ने राज्य की पशुसंवर्धन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री पंकजा मुंडे को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने तथा तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि विमला साइडिंग परिसर में बड़े पैमाने पर कोयले की हैंडलिंग, भंडारण और परिवहन के कारण वायु एवं धूल प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय नागरिकों द्वारा लंबे समय से इसकी शिकायतें की जा रही हैं। किसानों का दावा है कि कोयले की धूल खेतों में जमा होने से फसलों को नुकसान पहुंच रहा है, भूमि की उर्वरता घट रही है और कृषि उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
दिनेश चोखारे ने मांग की है कि संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से नुकसान का आकलन करें और यदि पर्यावरणीय क्षति की पुष्टि होती है तो नियमानुसार संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि पर्यावरणीय मंजूरी की शर्तों के तहत आवश्यक वृक्षारोपण वास्तव में किया गया है या नहीं, इसकी जांच की जाए। साथ ही हाल ही में स्थापित कोयला वॉशरी के लिए प्राप्त पर्यावरणीय स्वीकृतियों, उसकी कार्यप्रणाली तथा पर्यावरणीय नियमों के पालन की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
इसके अलावा, चंद्रपुर औष्णिक विद्युत केंद्र (सीटीपीएस) को भेजे जा रहे कोयले की गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों को देखते हुए विमला साइडिंग से भेजे जाने वाले कोयले के अधिकृत नमूने लेकर शासन मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में तकनीकी परीक्षण कराने की भी मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि खुले में कोयले के भंडारण और परिवहन से उड़ने वाली धूल के कारण क्षेत्र की वायु गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जिससे लोगों में सांस संबंधी बीमारियां, आंखों में जलन, त्वचा रोग तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
कांग्रेस नेता ने प्रशासन से मांग की है कि धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी का छिड़काव, प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली का प्रभावी संचालन, कोयले का ढंककर भंडारण, ढंके हुए वाहनों से परिवहन तथा सभी पर्यावरणीय नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। यदि जांच में किसी भी प्रकार का नियम उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।