
घुग्घुस में रूहानी माहौल: पुरखास शरीफ के सज्जादानशीन पीर-ए-तरीकत का हुआ भव्य इस्तेकबाल
अमन, भाईचारे और इंसानियत का दिया पैगाम; रूहानी तकरीर में उमड़ी अकीदतमंदों की भीड़
घुग्घुस :
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिला स्थित विश्वप्रसिद्ध दरगाह पुरखास शरीफ के सज्जादानशीन एवं पीर-ए-तरीकत **हजरत सैय्यद अनवार उल्लाह शाह सफ़ी चिश्ती निजामी साहब** के घुग्घुस आगमन से पूरा शहर रूहानी और आध्यात्मिक रोशनी में नहा उठा। 21 से 26 जुलाई तक के अपने छह दिवसीय प्रवास के दौरान जहाँ भी हजरत साहब के कदम पड़े, अकीदतमंदों ने पलक-पावड़े बिछाकर फूल-मालाओं के साथ उनका ऐतिहासिक और गर्मजोशी से इस्तकबाल किया।
तकरीर में गूंजा मोहब्बत और इंसानियत का पैगाम प्रवास के मुख्य चरण में 25 जुलाई को स्थानीय निवासी **गुलफाम खान** के निवास पर एक भव्य रूहानी तकरीर एवं दुआ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मुबारक मौके पर अकीदतमंदों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए **हजरत मौलाना सैय्यद फरहान सफ़ी साहब** ने समाज को नया दिशा-निर्देश दिया। उन्होंने कहा:
“मुस्लिम समाज कुरआन और दीन-ए-इस्लाम की सच्ची तालीम पर अमल करे। समाज की वास्तविक तरक्की और मजबूती केवल आपसी प्रेम, सद्भाव, इंसानियत और उम्दा अख़लाक़ (बेहतर चरित्र) से ही मुमकिन है।”
नफरत छोड़कर मोहब्बत का रास्ता अपनाएं: हजरत चिश्ती निजामी साहब
अपने रूहानी और प्रेरणादायी खिताब में **पीर-ए-तरीकत हजरत सैय्यद अनवार उल्लाह शाह सफ़ी चिश्ती निजामी साहब* ने मुल्क में अमन, चैन, एकता और खुशहाली के लिए विशेष दुआ फरमाई। उन्होंने अकीदतमंदों को हिदायत देते हुए फरमाया:
इंसानियत, मोहब्बत और आपसी सौहार्द ही इस्लाम की रूह और वास्तविक शिक्षा है। आज के दौर में नफरतों को किनारे कर हर इंसान को केवल प्यार और भाईचारे का रास्ता अख्तियार करना चाहिए।”
दावत-ए-आम और अनुशासित आयोजन










