
घुग्घुस नगर परिषद की सफाई व्यवस्था पर सवाल, गंदगी से नागरिक बेहाल!
मटन-चिकन-मछली मार्केट बना बदबू और गंदगी का अड्डा; कचरे के ढेर पर मंडरा रहे आवारा कुत्ते, मुख्याधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग
घुग्घुस | प्रतिनिधि
घुग्घुस शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ नागरिकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शहर के साप्ताहिक बाजार तथा मटन-चिकन-मछली मार्केट में जगह-जगह फैली गंदगी और मांस-मछली के अवशेषों से नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई व्यवस्था की अनदेखी के कारण पूरे परिसर में दुर्गंध फैल रही है और आवारा कुत्तों का जमावड़ा बढ़ गया है।
शुक्रवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार में बड़ी संख्या में नागरिक खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। लेकिन बाजार परिसर में स्वच्छता की कथित बदहाल स्थिति के कारण लोगों को नाक-मुंह ढककर आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ रहा है। मांस और मछली के अवशेष खुले में पड़े रहने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
कचरा उठाने में लापरवाही का आरोप
नागरिकों का कहना है कि बाजार खत्म होने के बाद कचरे और मांस-मछली के अवशेषों की तत्काल सफाई होनी चाहिए, लेकिन समय पर सफाई नहीं होने से गंदगी बढ़ती जाती है। इसी कारण आवारा कुत्ते कचरे के आसपास जमा होते हैं, जिससे नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
नगर परिषद प्रशासन पर उठे सवाल
शहर की स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर परिषद की होने के बावजूद यदि बाजार क्षेत्र में इस तरह की स्थिति बनी हुई है, तो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। नागरिकों ने मांग की है कि नगर परिषद तत्काल सफाई अभियान चलाए और मांस-मछली के कचरे की वैज्ञानिक एवं नियमित तरीके से विल्हेवाट सुनिश्चित करे।
नागरिकों ने जिला प्रशासन से भी मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की है। साथ ही नगर परिषद के मुख्याधिकारी की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई तथा बदली पर निर्णय लेने की मांग उठाई है।
नागरिकों का स्पष्ट सवाल है—टैक्स और सुविधाओं की जिम्मेदारी नगर परिषद की है, तो फिर शहर के बाजारों में स्वच्छता की यह बदहाल तस्वीर कब बदलेगी?










