
संभावित बाढ़ के मद्देनजर आपदा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत करें : उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
ब्लू लाइन और रेड लाइन क्षेत्रों में प्रतिबंधात्मक उपायों पर जोर, दूध में मिलावट करने वालों पर संगठित अपराध के तहत कार्रवाई के निर्देश
मुंबई : राज्य में संभावित बाढ़ और अन्य आपदाओं से निपटने के लिए महानगरपालिकाओं को अपने आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सक्षम एवं प्रभावी बनाने के निर्देश उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिए हैं। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके, इसके लिए महानगरपालिकाओं को आवश्यक संसाधन और क्षमता विकसित करनी होगी।
सह्याद्री अतिथिगृह में ‘विकसित महाराष्ट्र-2047’ के तहत वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित लक्ष्यों और उनकी पूर्ति के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आपदा प्रबंधन के साथ ही अन्न एवं औषधि प्रशासन विभाग के कामकाज की भी समीक्षा की गई।
ब्लू लाइन-रेड लाइन क्षेत्रों में विशेष सावधानी
बैठक में शहर के ब्लू लाइन और रेड लाइन क्षेत्रों को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। संभावित बाढ़ और आपदा के खतरे को देखते हुए इन क्षेत्रों में पहले से ही प्रतिबंधात्मक उपाय करने, प्रभावी नियोजन करने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि आपदा आने का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को पूर्व तैयारी और प्रतिबंधात्मक उपायों पर ध्यान देना चाहिए। महानगरपालिकाओं को केंद्र और राज्य सरकार की तर्ज पर अपनी आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।
दूध में मिलावट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई
बैठक में नागरिकों के स्वास्थ्य, विशेषकर छोटे बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करने वाले दूध और दुग्धजन्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
मिलावटखोरों के खिलाफ संगठित अपराध के तहत मामले दर्ज करने की दिशा में कार्रवाई करने की सूचना बैठक में दी गई। साथ ही मिलावट के मामलों में कानूनी प्रक्रिया को और मजबूत बनाने के लिए विशेष कदम उठाने पर भी जोर दिया गया।
मुकदमों के लिए विशेष लीगल टीम बनाने के निर्देश
मिलावट से जुड़े मामलों में न्यायालयीन कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की कानूनी कमी न रह जाए, इसके लिए वरिष्ठ एवं अनुभवी विधि विशेषज्ञों की मदद से विशेष कानूनी टीम तत्काल गठित करने के निर्देश दिए गए।
सरकार का उद्देश्य मिलावटखोरों के खिलाफ की गई कार्रवाई को मजबूत कानूनी आधार देना और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ प्रभावी न्यायिक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, रोजगार हमी योजना मंत्री भरत गोगावले, विधि एवं न्याय राज्यमंत्री आशीष जयस्वाल, गृह तथा अन्न एवं औषधि प्रशासन राज्यमंत्री योगेश कदम सहित अपर मुख्य सचिव असीम गुप्ता, प्रधान सचिव नवीन सोना, मदद एवं पुनर्वसन विभाग की सचिव विनिता वैद-सिंगल, विधि एवं न्याय विभाग के सचिव उदय शुक्ला, अन्न एवं औषधि प्रशासन आयुक्त तुकाराम मुंढे तथा संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।










