Home Breaking News औद्योगिक विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण होगा तेज, निवेश को मिलेगी रफ्तार...

औद्योगिक विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण होगा तेज, निवेश को मिलेगी रफ्तार : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

38

औद्योगिक विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण होगा तेज, निवेश को मिलेगी रफ्तार : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

MIDC की परियोजनाओं की समीक्षा; राज्य में 66,343 एकड़ भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में, 97 MoU के तहत 75,234 एकड़ जमीन की मांग

मुंबई : महाराष्ट्र में नए औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार और निवेश परियोजनाओं को गति देने के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा। उद्योगों को आवश्यक जमीन समय पर उपलब्ध कराने के लिए अनावश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं को कम करने के निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए हैं।

मुंबई स्थित वर्षा निवासस्थान में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (MIDC) के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं के लिए चल रहे भूमि अधिग्रहण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

66,343 एकड़ भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य में करीब 66,343 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इसमें गड़चिरोली, चंद्रपुर, नागपुर, पुणे, पालघर, छत्रपति संभाजीनगर, ठाणे, रत्नागिरी, रायगढ़, नाशिक और वर्धा जिलों का समावेश है।

इसके अलावा राज्य में हुए 97 सामंजस्य करार (MoU) के तहत लगभग 75,234 एकड़ भूमि की मांग है। इसके लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू होने की जानकारी भी बैठक में दी गई।

‘मिलाप’ प्रणाली से भूखंड आवंटन में पारदर्शिता

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि औद्योगिक भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ‘मिलाप’ ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से आवेदन, रियल-टाइम ट्रैकिंग, ऑफर लेटर और आवंटन आदेशों का स्वचालित वितरण तथा डैशबोर्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

1 अक्टूबर 2025 से 31 जुलाई 2026 के दौरान राज्य में 1,183 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया गया। इससे सरकार को करीब ₹5,502 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है।

प्रशासनिक देरी कम करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्चाधिकार समिति की मंजूरी, विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं और वन संबंधी अनुमतियों के कारण होने वाली देरी को कम किया जाना चाहिए। उद्योगों को समय पर जमीन उपलब्ध कराने और निवेश परियोजनाओं को गति देने के लिए अनावश्यक प्रशासनिक चरणों को कम करने पर जोर दिया गया।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को अधिक सरल, तेज और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

समय पर निर्माण नहीं तो जुर्माना और भूखंड वापस लेने का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के स्वरूप और निवेश की मात्रा के आधार पर औद्योगिक भूखंड विकसित करने की समयसीमा निर्धारित की जानी चाहिए। निर्धारित अवधि में निर्माण कार्य शुरू करना अनिवार्य होगा।

यदि विकास कार्य में देरी होती है तो चरणबद्ध तरीके से जुर्माना लगाने तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित औद्योगिक भूखंड को वापस लेने का प्रावधान प्रस्तावित करने के निर्देश भी दिए गए।

देश-विदेश की बेहतर नीतियों का अध्ययन

औद्योगिक भूमि के उपयोग में बेहतर समन्वय और कार्यक्षमता लाने के लिए देश-विदेश की सर्वोत्तम पद्धतियों तथा अन्य राज्यों की औद्योगिक भूमि आवंटन नीतियों का अध्ययन करने के निर्देश दिए गए। इसके आधार पर नए भूमि आवंटन के मानदंड तय करने पर भी चर्चा हुई।

बैठक में औद्योगिक भूखंड आवंटन, अविकसित भूखंडों का पुनर्विकास, भूखंड आवंटन नीति में सुधार, भूखंडों का तर्कसंगतीकरण तथा औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की स्थिति की समीक्षा की गई।

MIDC की ओर से विभिन्न स्थानों पर चल रही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति का प्रस्तुतीकरण भी अधिकारियों द्वारा किया गया।

सरकार के इस फैसले से चंद्रपुर समेत राज्य के विभिन्न जिलों में प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं को गति मिलने और नए निवेश के साथ रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here