पाताळा और डोंगरगांव में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, हजारों ग्रामीणों को मिलेगा लाभ
पालकमंत्री डॉ. वुईके ने स्वास्थ्य उपकेंद्रों का किया लोकार्पण; दवाइयों के लिए निधि की कमी नहीं होने देने की ग्वाही
भद्रावती/वरोरा, प्रतिनिधि : ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में पाताळा और डोंगरगांव में नवनिर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्रों का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर पालकमंत्री डॉ. वुईके ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए नागरिकों को बेहतर और समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
लोकार्पण के बाद पालकमंत्री ने उपकेंद्र के पंजीयन कक्ष, प्रतीक्षालय, जांच कक्ष, महिला भर्ती कक्ष, दवा भंडार और प्रसूति कक्ष सहित विभिन्न सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों के लिए आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता में निधि की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी।
सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी प्रमुखता से लगाएं
पालकमंत्री ने स्वास्थ्य केंद्रों के प्रमुख स्थानों पर प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना, महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री वैद्यकीय सहायता निधि से संबंधित जानकारी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से पात्र नागरिकों को नामांकित अस्पतालों में मुफ्त अथवा बेहद कम खर्च में उपचार और शल्यक्रिया की सुविधा मिलती है। इसलिए पैनल में शामिल अस्पतालों की सूची, संपर्क नंबर और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी स्वास्थ्य केंद्रों में स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराई जाए।
किसी भी पात्र नागरिक को उपचार से वंचित नहीं रहना चाहिए, ऐसा निर्देश भी उन्होंने अधिकारियों को दिया।
पाताळा उपकेंद्र से 7 गांवों के करीब 5,500 लोगों को लाभ
पाताळा में 82 लाख 52 हजार रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र का निर्माण किया गया है। इस केंद्र के माध्यम से पाताळा, राळेगांव, मनगांव, थोराणा, कुचना, नागलोण और कावड़ी सहित आसपास के गांवों के लगभग 5,500 नागरिकों को 13 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
डोंगरगांव में 54.62 लाख की लागत से स्वास्थ्य उपकेंद्र
वहीं डोंगरगांव में 54 लाख 62 हजार रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र तैयार किया गया है। इस केंद्र के माध्यम से डोंगरगांव, खापरी, टाकली और निमसड़ा सहित आसपास के गांवों के करीब 2,700 नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, तहसीलदार, गट विकास अधिकारी, तालुका स्वास्थ्य अधिकारी, सरपंच तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा को मिलेगी नई मजबूती
इन दोनों स्वास्थ्य उपकेंद्रों के शुरू होने से ग्रामीण नागरिकों को छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दूर के अस्पतालों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं और स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं को एक साथ मजबूत करने से ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को समय पर उपचार, दवाइयां और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।










