भद्रावती,चंद्रपुर,बल्लारपुर,आंध्रप्रदेश से गांजा,माजा कि एंट्री
नकोडा,घुग्घुस लोहा पुल के पास बैठते है Middle-man
घुग्घुस : शहर में गांजा ,माजा नशे का बडा काला कारोबार लगातार बढ़ते जा रहा है। यहां पर ज्यादा तर युवक,स्कुलि छाञाओ,और किशोर वर्ग के लोगों में इसका सेवन करते हुए देखा जा सकता है।मांजा कि बिक्री शहर के नामचीन ठेला,दुकान में खुलेआम सुरु है।वही गांजा कि अवैध बिक्री, तश्करी नकोडा,घुग्घुस लोहा पुल के पास से middle man के जरीए जिला सहीत दुसरे ज़िले में सप्लाई टु-व्हिलर,फोर व्हीलर के माध्यम से सुरू है।
विशेष करके चोरी के इस कार्य में ब्लॉक कलर कि फिल्म लगे वाहन का उपयोग हो रहा है। पुलिस प्रशासन को अवैध कारोबार के बारे जानकारी होने के बावजूद middle man पर कोई कार्रवाई नही हो रही।इतना ही सबकुछ नहीं है,यही middle man के जरीए आज घुग्घुस शहर में दिनदहाड़े भद्रावती,चंद्रपुर, बल्लारपुर,आंध्रप्रदेश से गांजा कि बडी खेप पहुच कर युवाओं को बड़े पैमाने पर परोसा जा रहा है।
जिससे युवा पीढ़ी गंभीर समस्या से जुझ रहे। बताया जाता है कि गांजा का नशा इंसान में एक कुदरती सुकुन नही देता है। बल्कि यह पुरे दिमाक के जड़ों को भी खोकला कर देता है।इसमें THC जैसे घातक द्रव्य निर्णय,क्षमता दिमाकी सोच को बर्बाद करके रख देता है। धीरे-धीरे यह लत मनुष्य के शरीर में बडी बिमारी उत्पन्न कर देती है।
पुर्व इसका इस्तेमाल चिलम किया जाता था लेकिन अब युवा पीढ़ी सिगरेट में इस्तेमाल कर रहे। जिससे शहर के गली चौराहे से लेकर, उद्योग ,पर्यटक स्थल,मंदीर,शाला,विधालय के अंदर शहर में आसपास सिगरेट में भरकर हवे में जहेरीला धुंआ उडाते हुए दिखाई दे रहे।छाञाओ के हाथ मे दिखने वाले कलम कि जगह चिलम,सिगरेट कि कश में डुबे रहेने वाले अपराध करने से नही डर रहे।
जिससे गुंडागर्दी,झगड़ा,अष्लीलता, छेड़छाड़,चोरी,डकैत,हत्या जैसे अपराधिक मामले जिला सहीत ग्रामीण में बढ़ रहा।शहर नशे का बडा काॅरीडोर बन गया है।शहर के गली मोहल्ले में ही नही बल्कि मंदीर प्रांगण,धार्मिक स्थल,होटल,ढाबा,टपरी,उद्योग क्षेत्र,खेत, जंगल,महामार्ग के किनारे,चालक और युवा पीढ़ी के लिए परोसा जाता है।
घुग्घुस लोहा पुल,नकोडा,सुभाष नगर,गांधी नगर,शालीकराम नगर,अमराई,शिव नगर,बेलोरा फाटा, केमीकल वार्ड,घुग्घुस बस्ती,लाॅयड्स मेटल उसगांव लेबर कालणी,आंबेडकर नगर,शास्ञी नगर,राम नगर,अदी जगह पर चालक और युवा पीढ़ी गांजा का सेवन सिगरेट में भरकर देर अंधेरे तक करते हुए दिखाई देते हैं।युवा पीढ़ी में देश के भविष्य का क्या हाल होगा।
ऐसे में अब पुलिस प्रशासन पर सवाल उठ रहा है कि क्या? पुलिस घुग्घुस शहर को नशामुक्त बना पाएगी।या अंधेरे कुएं में इसी तरह सभी को ढकेलते रहेंगी। नागरिकों ने जिला प्रशासन से घुग्घुस शहर को नशामुक्त कराने कि मांग कर रहे हैं।