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वणी में गुटखा राज! पुलिस की छत्रछाया में फल-फूल रही तस्करी

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वणी में गुटखा राज! पुलिस की छत्रछाया में फल-फूल रही तस्करी



युवासेना का गणतंत्र दिवस पर आक्रामक धरना, थाना प्रभारी कटघरे में


विधायक संजय देरकर का 8 दिन का अल्टीमेटम – नहीं तो होगा उग्र आंदोलन


वणी | प्रतिनिधि
वणी शहर और आसपास के इलाकों में प्रतिबंधित गुटखा और सुगंधित तंबाकू की खुलेआम बिक्री अब केवल अवैध धंधा नहीं, बल्कि पुलिस संरक्षण में चल रहा संगठित कारोबार बन चुका है। इसी के विरोध में 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के दिन युवासेना ने वणी पुलिस प्रशासन के खिलाफ आक्रामक धरना आंदोलन छेड़ दिया।

यह आंदोलन युवासेना उपजिला प्रमुख अजिंक्य शेंडे के नेतृत्व में हुआ, जिसमें पुलिस प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए गए।

थाना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध?

युवासेना ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि
👉 जब महाराष्ट्र सरकार ने गुटखा और सुगंधित तंबाकू पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है,
👉 जब वणी में यह सामग्री खुलेआम बिक रही है,
तो थाना प्रभारी और स्थानीय पुलिस आखिर चुप क्यों है?
क्या पुलिस को तस्करी दिखाई नहीं देती, या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है?
आरोप लगाए गए कि पुलिस केवल दिखावटी कार्रवाई, बनावटी पंचनामे और छोटे विक्रेताओं पर नाममात्र की कार्रवाई कर असली तस्करों को बचा रही है।

पुलिस–तस्कर गठजोड़ का इशारा

युवासेना ने आरोप लगाया कि पंचशील नगर क्षेत्र में करीब एक माह पूर्व की गई कार्रवाई पूरी तरह से फर्जी थी, और उस मामले के मुख्य आरोपी को आज तक गिरफ्तार नहीं किया गया।

यह स्थिति पुलिस–तस्कर गठजोड़ की ओर साफ इशारा करती है, जिससे आम जनता में भारी रोष है।
CBI / SIT जांच की मांग।

आंदोलनकारियों ने मांग की कि

➡️ वणी में गुटखा तस्करी की CBI या SIT से निष्पक्ष जांच कराई जाए,
➡️ पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो,
➡️ वर्षों से सक्रिय तस्करों और उन्हें संरक्षण देने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

विधायक संजय देरकर का सख्त अल्टीमेटम

धरना स्थल पर विधायक संजय देरकर के नेतृत्व में उपविभागीय पुलिस अधिकारी और थाना प्रभारी से तीखी चर्चा हुई।
विधायक देरकर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि—
“आठ दिनों के भीतर गुटखा तस्करी और सभी अवैध धंधे पूरी तरह बंद कर तस्करों को गिरफ्तार किया जाए, अन्यथा युवासेना सड़कों पर उतरकर इससे भी उग्र आंदोलन करेगी।”

अस्थायी रूप से आंदोलन स्थगित
पुलिस प्रशासन द्वारा लिखित और मौखिक आश्वासन दिए जाने के बाद यह धरना आंदोलन फिलहाल स्थगित किया गया।
हालांकि युवासेना ने साफ कर दिया है कि अगर आठ दिनों में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और भी तीव्र होगा।

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