बीच-बचाव करने वाले युवक की चाकू से बेरहमी से हत्या
SDPO ने दिखाई दबंगई – दौड़ाकर आरोपी को किया गिरफ्तार
रैली में हथियार कै से पहुंचे? सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल,कही पुरानी रंजिश तो नही है?
चंद्रपुर, :14 अप्रैल 2026: भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के शुभ अवसर पर चंद्रपुर शहर शांती के प्रतिक सफेद पोशाक खून से लाल हो गया। आंबेडकर पुतला इलाके में निकाली गई भव्य रैली उस वक्त चीख-पुकार और दहशत में बदल गई, जब एक छोटे झगडे से हुए मामूली विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया और बीच-बचाव करने आए एक युवक की चाकू से सटासप गोदकर हत्या कर दी गई।
धक्का-मुक्की से शुरू हुआ विवाद, हत्या तक पहुंचा मामला
14 अप्रैल की रात करीब 11:30 बजे, इंदिरा नगर की ‘भीमरत्न बहुद्देशीय युवा संस्था’ की रैली गांधी चौक पहुंची थी। डीजे की तेज आवाज, भीड़ का जोश और नाच-गाने के बीच अचानक धक्का-मुक्की हुई और यही छोटी सी बात से बड़ी रैली खूनी संघर्ष में बदल गई।
शांति कराने आया युवक बना निशाना
स्थानीय इंदिरा नगर निवासी युवक रविकांत टेंभुरकर (36) ने हालात को संभालने की कोशिश की थी लेकिन यही उसकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई। गुस्से से बेकाबू हमलावरों ने उस पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर दिए।लहूलुहान हालत में अस्पताल ले जाते समय रविकांत ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।इस हमले में अनिकेत गलबले नामक एक अन्य युवक भी गंभीर रूप से घायल हुआ है।
जनता का फुटा गुस्सा और एक आरोपी मौके पर ही धर-दबोचा
घटना के बाद गुस्साई भीड़ ने हिम्मत दिखाते हुए एक आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
SDPO प्रमोद चौगुले कि काबीले तारीफ
इस सनसनीखेज वारदात के बीच एक तस्वीर सामने आई,जिसने पुलिस की छवि को सच्चा आईना बता दिया है। SDPO प्रमोद चौगुले ने किसी भी वरीष्ठ शासन प्रशासन अधिकारीआदेश का इंतजार किए बगैर खुद मैदान में सुपरमैन कि तरह भीड काटते हुए आरोपी पर कूद पड़े।
आरोपी के कदम से कदम मिलाकर चौगुले ने सीधे उसका पीछा किया चारो तरफ भीड़,मे अफरा-तफरी और खतरे के बीच लंबी दौड़ लगाकर आखिरकार आरोपी के कालर को धर दबोचा।जिले भर इस बहादुरी की हर तरफ चर्चा हवा मे चारों ओर गुंज रही है।
SP मुमक्का सुदर्शन ने संभाला मोर्चा
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुदर्शन खुद मौके पर पहुंचे और पूरी रात सिटी थाने में डटे रहकर हालात पर नजर बनाए रखी।सबसे बड़ा सवाल रैली में हथियार आए कहां से?कही पुरानी रंजिश तो नही है?
आंबेडकर जयंती जैसे शांतिपूर्ण आयोजन में खुलेआम चाकू कैसे लहराए गए? क्या प्रशासन सो रहा था?क्या सुरक्षा के इंतजाम सिर्फ कागजों में थे?
शहर में बडा आक्रोश, पुलिस जांच में जुटी
इस घटना ने पूरे चंद्रपुर जिले को झकझोर दिया है। नागरिकों में भारी आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और शहर में शांति बनाए रखने की अपील की गई है।एक पावन दिन… एक भयानक घटना… और कई अनसुलझे सवाल उठ रहे हैं।
बीते अनेक दशकों से जो रैली मे नही हुआ था वह कैसे हो गया है। सुरक्षा पर तीखा प्रहार हो रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में कर लिया। इस मामले में हत्या का मामला दर्ज कर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में रहंत पठान (19), शेख जिशान (22), चेतन सोनावाने (31), बादल भैसरे (19) और यासील शेख (32) शामिल हैं। एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।