चंद्रपुर/वरोरा:
महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून
महाराष्ट्र संघटित गुन्हेगारी नियंत्रण कायदा 1999 (MCOCA)के तहत दर्ज बहुचर्चित हत्या मामले में फरार आरोपी को पुलिस ने उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।
रेती घाट विवाद में हुई थी हत्या, 13 आरोपी शामिल दिनांक 01 मार्च 2026 को वरोरा थाना क्षेत्र के बामर्डा रेती घाट पर दो गुटों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि रेती व्यवसायी भारत नागपाल (निवासी वर्धा) की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
इस मामले में वरोरा पुलिस स्टेशन में
अपराध क्रमांक 374/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
जांच में कुल 13 आरोपी सामने आए, जिनमें से 12 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
संगठित गिरोह के चलते MCOCA की कार्रवाई
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी संगठित रूप से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हैं, जिसके चलते इस मामले में MCOCA की धाराएं भी जोड़ी गईं।
मामले की जांच प्रमोद चौगुले, उपविभागीय पुलिस अधिकारी, चंद्रपुर द्वारा की जा रही है।
फरार आरोपी जुम्मन मिर्जा यूपी से गिरफ्तार किया गया। इस मामले में फरार आरोपी
जुम्मन मिडवा मिर्जा( 24), पेशा: पोकलैंड चालक) घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था।
पुलिस अधीक्षक चंद्रपुर
मुम्मका सुदर्शन के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई।
तकनीकी विश्लेषण और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी का ठिकाना ट्रेस कर
उसे उत्तर प्रदेश के बांदा जिला
से गिरफ्तार कर लिया गया।इस कार्रवाई में विशेष भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारी—दीपक कॉकेंडवार,अजय बागेसर,गोपीनाथ नरोटे,शेखर माथनकर
वृषभ बारसिंगे,(स्थानीय अपराध शाखा, चंद्रपुर) कोर्ट में पेश किया।
31 मार्च तक पुलिस कस्टडी मे रखने का आदेश मिला।
गिरफ्तार आरोपी को 26 मार्च 2026 को वरोरा पुलिस स्टेशन लाकर
विशेष MCOCA कोर्ट में पेश किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक
मुम्मका सुदर्शन और अपर पुलिस अधीक्षक,ईश्वर कातकडे के मार्गदर्शन में की गई।
इस ऑपरेशन में आगे इन अधिकारियों का भी योगदान रहा—दत्तात्रय कोलटे (पोउपनि),मनोज वासाडे (पोउपनि)
प्रशांत नागोसे,सुरज शेडमाके तथा स्थानीय अपराध शाखा की पूरी टीम
पुलिस की सख्त कार्रवाई से मचा हड़कंप इस गिरफ्तारी के बाद संगठित अपराध में शामिल तत्वों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस ने स्पष्ट संकेत दिया है कि
अपराधी चाहे कहीं भी छिपे हों,
कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते।