पुरानी यादों को मिला नया जीवन, घुग्घुस में 1995-96 बैच का भव्य स्नेह मिलन समारोह संपन्न
घुग्घुस / चंद्रपुर :
घुग्घुस स्थित जनता जूनियर कॉलेज के कक्षा 12वी वर्ष 1995-96 बैच के पूर्व विद्यार्थियों का स्नेह मिलन समारोह बड़े ही भावुक और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस आयोजन ने वर्षों पुरानी यादों को फिर से जीवंत कर दिया और गुरु-शिष्य के रिश्ते को और मजबूत बनाया।
5 अप्रैल को शहर के प्रयास लॉन में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत खास अंदाज में हुई। पूर्व विद्यार्थियों ने उसी स्कूल और उसी कक्षा में पहुंचकर अपने बचपन के दिनों को याद किया और कुछ पल के लिए अपने वर्तमान जीवन को भूलकर फिर से छात्र जीवन जीने का प्रयास किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता माजी प्राचार्य प्रा. धोपटे ने की, जबकि प्रमुख अतिथि के रूप में प्रा. बोबडे, मोहन गंधारे, वरिष्ठ शिक्षक वाघमारे, उप प्राचार्या अनघा पालपत्तुवार, प्रा. संजू पठाण और प्रा. लिमेश माणूसमारे उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पूर्व विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों का सम्मान कर गुरु-शिष्य परंपरा को जीवित रखा। गुरुजनों ने भी विद्यार्थियों के जीवन में हासिल की गई सफलताओं की सराहना करते हुए कहा कि उनके विद्यार्थी आज विभिन्न क्षेत्रों—राजनीति, व्यवसाय और नौकरी में नाम कमा रहे हैं, यही उनके शिक्षण का सबसे बड़ा प्रमाण है।
कार्यक्रम के दौरान सभी ने एक-दूसरे से मिलकर पुरानी यादों को ताजा किया। करीब 31 साल बाद एक साथ मिले साथियों की आंखें नम हो गईं और माहौल पूरी तरह भावुक हो गया।
पूर्व विद्यार्थियों ने अपने मन की भावनाएं व्यक्त करते हुए इन रिश्तों को हमेशा बनाए रखने का संकल्प लिया। “कभी अलविदा ना कहना” जैसे भावपूर्ण संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
इस आयोजन को सफल बनाने में संयोजक श्रीनिवास इसारप और सागर तांड्रा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं विशाल नगराले, उमेश मेश्राम, यमुना पाटील और पंचशीला भरणे ने शानदार संचालन किया।
इसके अलावा संजय तगराम, संतोष कोडपेल्लीवार, श्रीनिवास कोत्तुर, विनोद चौधरी, विवेक पडवेकर, गंगाधर गायकवाड, रामचंद्र टोंगे, कुणाल चिवंडे, प्रणय मानकर, किरण बांधुरकर, सलीम, सचिन चिवंडे, सविता इसारप, भारती सज्जनवार, पिंकी तामगाडगे, रजनी लिपटे, शांता देठे और सुनीता देवगड़े सहित सभी पूर्व विद्यार्थियों के सहयोग से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस स्नेह मिलन ने यह साबित कर दिया कि समय चाहे कितना भी बीत जाए, लेकिन स्कूल के रिश्ते और यादें हमेशा दिल के करीब रहती हैं।