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घुग्घुस में औद्योगिक प्रदूषण पर बढ़ा जनआक्रोश,

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घुग्घुस में औद्योगिक प्रदूषण पर बढ़ा जनआक्रोश,



शिष्टमंडल ने विधायक मुनगंटीवार को सौंपा ज्ञापन


समाधान के लिए सरकार पर दबाव तेज


घुग्घुस (जिला चंद्रपुर): घुग्घुस क्षेत्र में लगातार बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण के खिलाफ अब नागरिकों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। क्षेत्र की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉ. कोल्हे के नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक, व्यावसायिक और नागरिक संगठनों के संयुक्त शिष्टमंडल ने 12 अप्रैल को विधायक सुधीर मुनगंटीवार के कार्यालय में पहुंचकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

इस शिष्टमंडल में घुग्घुस बचाव संघर्ष समिति, सोच संस्था, डॉक्टर संघटना, व्यापारी संगठन, केमिस्ट एसोसिएशन, गणेश मंडल, गुरुदेव सेवा मंडल सहित अनेक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल में डॉ. कोल्हे, डाॅ.प्रदीप यादव, डॉ. नचिकेत कोल्हे, अनिल गुप्ता, गंधर्व भगत और सचिन राजुरकर जैसे प्रमुख पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान घुग्घुस क्षेत्र में बढ़ते सिमेंट उद्योग, लोहा उद्योग, Western Coalfields Limited (WCL), कोयला डिपो, विभिन्न पावर प्लांट्स तथा बड़े पैमाने पर उड़ने वाली औद्योगिक धूल से हो रहे प्रदूषण पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। शिष्टमंडल ने बताया कि इन सभी कारणों से क्षेत्र का वातावरण अत्यंत दूषित हो चुका है।

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, इस प्रदूषण का सीधा असर स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। क्षेत्र में श्वसन संबंधी बीमारियां, त्वचा रोग और अन्य दीर्घकालीन बीमारियों में वृद्धि हो रही है। वहीं किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है—फसलों का उत्पादन घट रहा है, मिट्टी की उर्वरता कम हो रही है और जलस्रोत प्रदूषित होते जा रहे हैं।

शिष्टमंडल ने प्रशासन से मांग की कि इस गंभीर समस्या को देखते हुए तत्काल ठोस और प्रभावी उपाययोजनाएं लागू की जाएं। इसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सख्त कार्रवाई, उद्योगों की नियमित जांच, धूल नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग, औद्योगिक क्षेत्रों में ग्रीन बेल्ट विकसित करना तथा नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करना जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।

विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने शिष्टमंडल की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर इस मुद्दे पर उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।

वहीं, 16 अप्रैल को पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे का चंद्रपुर दौरा प्रस्तावित है। इस दौरान घुग्घुस क्षेत्र की प्रदूषण समस्या को प्रमुखता से उठाकर स्थायी और दीर्घकालीन समाधान के लिए शासन स्तर पर दबाव बनाने की रणनीति तय की गई है।

 कुल मिलाकर, घुग्घुस में प्रदूषण का मुद्दा अब जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में यह समस्या और अधिक विकराल रूप धारण कर सकती है, जिससे नागरिकों का जीवन और अधिक प्रभावित होगा।

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