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उद्घाटन से पहले ही शुरू हुआ घुग्घुस रेलवे उड़ान पुल, गुस्साए लोगों ने खुद खोला रास्ता

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उद्घाटन से पहले ही शुरू हुआ घुग्घुस रेलवे उड़ान पुल, गुस्साए लोगों ने खुद खोला रास्ता



विधायक जोरगेवार के निरीक्षण और निर्देश के दो दिन बाद यातायात किया शुरू।


आधिकारिक रुप में उद्घाटन बाकी, नियमों को लेकर उठे सवाल


घुग्घुस : चंद्रपुर जिले के घुग्घुस स्थित राजीव रतन चौक रेलवे गेट क्रमांक G-39 पर निर्मित रेलवे उड़ान पुल एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। पांच वर्ष से पेंडिंग पुल का आधिकारिक उद्घाटन 9 मई को प्रस्तावित था, लेकिन निर्माण कार्य पूरी तरह समाप्त नहीं होने के कारण कार्यक्रम को दूसरी बार स्थगित कर दिया गया था।
जानकारी के अनुसार Kishor Jorgewar ने रेलवे उड़ान पुल निर्माण कार्य का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों से चर्चा की थी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पुल का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि पैचवर्क, वेट टेस्टिंग और कुछ अंतिम तकनीकी प्रक्रियाएं अभी बाकी हैं। इसी कारण उद्घाटन कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए आगामी 8 से 10 दिनों के भीतर केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw के हाथों उद्घाटन कराने की जानकारी, आश्वासन विधायक किशोर जोरगेवार द्वारा दी गई थी।
इस दौरान घुग्घुस नगर परिषद के मुख्याधिकारी, बांधकाम विभाग के उपअभियंता, जनप्रतिनिधि, नगराध्यक्ष, नगरसेवक, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक तथा वेकोलि के मुख्य महाप्रबंधक सहित अनेक लोग बडी संख्या में मौजूद थे।
लेकिन विधायक के निरीक्षण और निर्देश के महज दो दिन बाद घुग्घुस नगर परिषद के नगरसेवक रविश सिंह, बांधकाम विभाग सभापति रोशन पचारे तथा कुछ स्थानीय नागरिकों ने स्वयं पुल का उद्घाटन कर यातायात शुरू कर दिया। इसके बाद पुल से वाहनों की आवाजाही भी शुरू हो गई।
इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा और लोगों के बीच बड़े बडे सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर कैसे खुल गया पुल के ऊपर से यातायात?किसके हाथ से हुआ पुल का उद्घाटन,बैरहाल लोगों में खुशी और आश्चर्यजनक माहौल पैदा हो गया।आधिकारिक उद्घाटन से पहले आम लोगों द्वारा पुल को खोलना कानून और प्रशासनिक प्रक्रिया के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है। जानकारों के अनुसार किसी भी सरकारी परियोजना को निर्धारित तकनीकी और प्रशासनिक अनुमति के बिना सार्वजनिक उपयोग के लिए खोलना नियमों के खिलाफ माना जाता है।

सूत्रों के मुताबिक यदि किसी अधूरे निर्माण कार्य के दौरान कोई दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी तय करना भी प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है। वहीं इस पूरे मामले में प्रशासन और संबंधित विभाग की भूमिका पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
फिलहाल पुल का आधिकारिक उद्घाटन होना बाकी है, आश्वासन देने बाद लेकिन पुल पर यातायात शुरू होने से मामला जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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