Home Breaking News बरांज मोकासा कोयला खदान प्रभावितों की मांग विधानसभा तक पहुंची

बरांज मोकासा कोयला खदान प्रभावितों की मांग विधानसभा तक पहुंची

79

बरांज मोकासा कोयला खदान प्रभावितों की मांग विधानसभा तक पहुंची



विधायक सुधीर मुनगंटीवार के प्रयास रंग लाए, याचिका विधानसभा की याचिका समिति को भेजी गई


चंद्रपुर
चंद्रपुर जिले के भद्रावती तहसील स्थित कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KPCL) द्वारा संचालित बरांज मोकासा ओपन कास्ट कोयला खदान परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्याएं अब विधानसभा तक पहुंच गई हैं। विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने प्रभावित नागरिकों की विभिन्न मांगों को लेकर विधानसभा में याचिका प्रस्तुत की, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने गंभीरता दिखाते हुए मामले को आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए विधानसभा की याचिका समिति को सौंपने की घोषणा की।

विधायक मुनगंटीवार ने सदन में बताया कि बरांज मोकासा, तांडा, चेकबरांज और पिपरबोडी गांवों के हजारों ग्रामीण परियोजना के कारण लंबे समय से विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वन भूमि हस्तांतरण के दौरान तय की गई कई शर्तों का पालन नहीं किया गया, वन अधिकार अधिनियम-2006 का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हुआ और पुनर्वास की प्रक्रिया भी अब तक अधूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय श्रमिकों को हाई पावर कमेटी (HPC) के अनुसार वेतन नहीं मिल रहा है, कोल माइंस कानून के तहत मिलने वाली सुविधाओं से भी वंचित रखा जा रहा है। साथ ही परियोजना प्रभावित परिवारों को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी जा रही और किसानों की फसलों को हुए नुकसान का भी उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है।

प्रभावितों की प्रमुख मांगें

परियोजना प्रभावित परिवारों का शीघ्र पुनर्वास और उचित मुआवजा।

स्थानीय श्रमिकों को HPC के अनुसार वेतन और कोल माइंस कानून के तहत सभी सुविधाएं।

मृत परियोजना प्रभावित श्रमिकों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी।

वन अधिकार अधिनियम-2006 का प्रभावी क्रियान्वयन।

स्थानीय शिक्षित युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता।

किसानों की फसलों के नुकसान का उचित मुआवजा।

विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि इस मुद्दे को पहले भी कई बार सरकार के समक्ष उठाया गया था, लेकिन अब तक संतोषजनक समाधान नहीं निकल सका। इसलिए विधानसभा में यह याचिका प्रस्तुत कर प्रभावितों को न्याय दिलाने का प्रयास किया गया है।

विधानसभा अध्यक्ष द्वारा मामले को याचिका समिति को भेजे जाने के बाद अब संबंधित विभागों और कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड से विस्तृत रिपोर्ट लेकर जांच की जाएगी। परियोजना प्रभावित नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि समिति की जांच के बाद उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान होगा और उन्हें न्याय मिलेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here