
शैक्षणिक मांगों को लेकर AISF का मारेगांव में प्रदर्शन तहसीलदार के माध्यम से सरकार को सौंपा ज्ञापन
बंद स्कूलों को फिर से शुरू करने, रिक्त शिक्षक पद भरने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग; मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
मारेगांव | प्रतिनिधि
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) के नेतृत्व में सोमवार को मारेगांव के भगत सिंह चौक पर शिक्षा से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया गया। इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों एवं छात्रों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार के माध्यम से राज्य सरकार को मांगों का विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई कि महाराष्ट्र में बंद की गई सभी जिला परिषद स्कूलों को तत्काल पुनः शुरू किया जाए तथा जिन स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया चल रही है, उन्हें किसी भी परिस्थिति में बंद न किया जाए। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में रिक्त पड़े शिक्षक पदों पर शीघ्र नियुक्तियां करने की भी मांग उठाई गई।
AISF ने परीक्षा प्रक्रिया में बार-बार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। संगठन ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को समाप्त कर पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग भी रखी।
ज्ञापन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) को वापस लेने की मांग के साथ शिक्षा मंत्री दादा भुसे से नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा देने की मांग की गई। साथ ही राज्य की शिक्षा एवं परीक्षा व्यवस्था में सामने आई खामियों की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी इस्तीफे की मांग की गई।
AISF ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो छात्र हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इस प्रदर्शन में कॉमरेड अथर्व निवडिंग, कॉमरेड अभिजीत नगराले, कॉमरेड पियुष सोनुले, कॉमरेड अनुष्का आत्राम सहित AISF के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।










