वणी में कोयला प्लॉट्स को लेकर शिवसेना का पुलिस से सवाल— “नियमों की जांच करो, दोषियों पर कार्रवाई करो!”
कथित अनधिकृत कामकाज, प्रदूषण और सड़क पर खड़े ट्रकों से बढ़ा हादसों का खतरा; 5 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी
वणी, यवतमाल। वणी-चिखलगांव से राजूर-मारेगांव रोड तक विभिन्न कोयला प्लॉट्स और डिपो के कामकाज को लेकर शिवसैनिक अरबाज खान ने वणी पुलिस थाने में शिकायत/निवेदन देकर प्रशासन से तत्काल जांच और कानून के मुताबिक कार्रवाई की मांग की है। निवेदन में स्पष्ट किया गया है कि लगाए गए आरोपों और संदेहों की सत्यता सरकारी जांच के बाद ही तय होनी चाहिए।
“परवाने हैं या नहीं?” — प्लॉट्स की जांच की मांग निवेदन में संबंधित कोयला प्लॉट्स के व्यवसायिक लाइसेंस, जमीन उपयोग की मंजूरी, स्थानीय प्राधिकरण की अनुमति, NOC और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के नियमों के पालन की विभागनिहाय जांच करने की मांग की गई है। दस्तावेज अधूरे या नियमों के विपरीत पाए जाने पर संबंधित कानून के तहत कार्रवाई करने की मांग है।
सड़क पर ट्रक पार्किंग से हादसे का खतरा
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कई स्थानों पर कोयले की लोडिंग-अनलोडिंग के लिए आने वाले भारी वाहनों की पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण ट्रक सड़क अथवा महामार्ग के किनारे खड़े रहते हैं। इससे यातायात प्रभावित होने और दुर्घटना का खतरा बढ़ने की बात कहते हुए मौके का निरीक्षण और तत्काल यातायात सुरक्षा उपाय करने की मांग की गई है।
कोयले की धूल से प्रदूषण का मुद्दा गरम
चिखलगांव, महादेव नगर, लालपुलिया, ख्वाजा नगर, मेघदूत कॉलोनी सहित आसपास की बस्तियों के नजदीक कोयला हैंडलिंग से धूल और प्रदूषण बढ़ने की नागरिकों की शिकायत का निवेदन में उल्लेख किया गया है। संबंधित सक्षम विभाग से PM10, PM2.5 सहित आवश्यक प्रदूषण मानकों की आधिकारिक जांच कर रिपोर्ट तैयार करने की मांग की गई है।
कोयले में फाइन मिलाने के संदेह की भी जांच हो निवेदन में यह भी मांग की गई है कि यदि कोयले में धूल या फाइन मिलाकर गुणवत्ता में बदलाव किए जाने का संदेह है, तो संबंधित प्लॉट्स की जांच कर कोयले के नमूने, स्टॉक, वजन, परिवहन दस्तावेज और संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जाए। कोई गैरकानूनी गतिविधि सामने आने पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
5 दिन का अल्टीमेटम, फिर आंदोलन की चेतावनी
शिवसैनिक अरबाज खान ने पुलिस प्रशासन से शिकायत मिलने के 5 दिनों के भीतर प्राथमिक जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर शिवसेना की ओर से संबंधित प्लॉट्स के सामने कानूनी एवं शांतिपूर्ण धरना आंदोलन करने तथा इसके बाद तहसील कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण उपोषण/भूख हड़ताल का कार्यक्रम घोषित करने की चेतावनी दी गई है।
हालांकि, निवेदन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी लोडिंग-अनलोडिंग प्रक्रिया को स्वयं या जबरन बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि सक्षम प्रशासन द्वारा कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। निवेदन के साथ सड़क पर खड़े ट्रकों के फोटो-वीडियो, कोयला प्लॉट्स के छायाचित्र एवं उपलब्ध अन्य साक्ष्य प्रस्तुत करने की बात कही गई है।