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शिरपुर कायर बस स्टैंड परिसर में 24 घंटे अवैध डीजल का खेल?

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शिरपुर कायर बस स्टैंड परिसर में 24 घंटे अवैध डीजल का खेल?



रंग-बिरंगे कैन और बड़े ड्रमों में खुलेआम खरीद-बिक्री का आरोप, पुलिस संरक्षण की भी चर्चा


वणी। शिरपुर पुलिस थाना क्षेत्र के बस स्टैंड परिसर में डीजल की कथित अवैध खरीद-बिक्री का मामला अब गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आरोप है कि छोटे-बड़े रंग-बिरंगे कैनों और ड्रमों में डीजल भरकर सार्वजनिक स्थल पर खुलेआम इसकी खरीद-बिक्री की जा रही है। बताया जा रहा है कि यह कथित कारोबार 24 घंटे लगातार चल रहा है।

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, बस स्टैंड परिसर के आसपास खुले स्थान पर डीजल का भंडारण कर वाहन चालकों तथा अन्य लोगों को इसकी बिक्री किए जाने का आरोप है। ज्वलनशील पदार्थ का इस तरह सार्वजनिक स्थल पर कथित भंडारण और बिक्री होने से कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

कई वर्षों से चल रहा है कथित कारोबार?

चर्चा है कि शिरपुर पुलिस थाना क्षेत्र में यह कथित अवैध डीजल कारोबार पिछले कई वर्षों से जारी है। इस मामले में बीट पुलिस कर्मचारी सुरज के संरक्षण में कारोबार चलने के आरोप भी सामने आ रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इसकी वास्तविकता पुलिस विभाग की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।

यवतमाल के अपराध जगत से जुड़े लोगों की चर्चा

इस कथित डीजल कारोबार को लेकर एक और गंभीर चर्चा सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि इस अवैध व्यापार से यवतमाल के अपराध जगत से जुड़े कुछ लोगों का कथित संबंध हो सकता है। यदि यह दावा सही है तो मामले की गंभीरता और भी बढ़ जाती है।

इसी वजह से कथित कारोबार करने वालों के हौसले बुलंद होने तथा स्थानीय स्तर पर इस गतिविधि को रोकना पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बनने की चर्चा है।

सार्वजनिक जगह पर ज्वलनशील पदार्थ, हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?

बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में यदि बड़ी मात्रा में डीजल का भंडारण और बिक्री वास्तव में हो रही है, तो सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा होता है।

आग लगने जैसी किसी भी आकस्मिक घटना की स्थिति में यात्रियों, वाहन चालकों, दुकानदारों और आसपास के नागरिकों की जान-माल को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि यह कारोबार अवैध है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि वैध है तो इसके लिए आवश्यक अनुमति और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं?

एसपी से कड़ी कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों की मांग है कि यवतमाल जिला पुलिस अधीक्षक इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बस स्टैंड परिसर में चल रही कथित डीजल खरीद-बिक्री की तत्काल जांच कराएं।

साथ ही डीजल का स्रोत, भंडारण की अनुमति, बिक्री की वैधता, सुरक्षा मानकों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जाए। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन या अवैध कारोबार सामने आता है तो संबंधित लोगों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

अब देखना होगा कि बस स्टैंड परिसर में कथित तौर पर चल रहे इस डीजल के खेल पर पुलिस प्रशासन कब कार्रवाई करता है और जांच में आखिर क्या सच सामने आता है।

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