चंद्रपुर जिले के 12 तहसील सूखाग्रस्त घोषित, किसानों को बिजली बिल में राहत; विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क में भी छूट
बल्लारपुर, ब्रह्मपुरी और जिवती को सूखाग्रस्त सूची में शामिल कराने मुख्यमंत्री से मिलेंगे सुधीर मुनगंटीवार
चंद्रपुर। बारिश की अनिश्चितता, फसलों की चिंताजनक स्थिति और बढ़ते आर्थिक संकट के बीच चंद्रपुर जिले के किसानों के लिए राहत की खबर सामने आई है। खरीफ 2026 में Trigger-1 लागू होने वाले राज्य के 265 तहसीलों में सूखा घोषित कर विभिन्न राहत एवं रियायतें लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसमें चंद्रपुर जिले की 12 तहसीलों—चंद्रपुर, भद्रावती, गोंडपिपरी, राजुरा, कोरपना, मूल, वरोरा, सावली, चिमूर, नागभीड़, सिंदेवाही और पोंभूर्णा का समावेश किया गया है।
इस निर्णय के तहत सूखाग्रस्त क्षेत्रों के किसानों को विभिन्न राहत योजनाओं का लाभ मिलेगा। कृषि पंपों के बिजली बिल में रियायत तथा बिजली कनेक्शन नहीं काटने जैसी राहत दी जाएगी। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों के विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क में भी छूट मिलेगी। इससे सूखे की मार झेल रहे किसानों और उनके परिवारों पर पड़ा आर्थिक बोझ कुछ हद तक कम होने की उम्मीद है।
25 सितंबर को की थी तत्काल निर्णय की मांग
विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने 25 सितंबर को चंद्रपुर जिले में फसलों की स्थिति, बारिश की कमी और किसानों पर बढ़ते आर्थिक दबाव को देखते हुए जिले में तत्काल सूखा घोषित करने की मांग की थी। इस संबंध में उन्होंने राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव विकास खारगे से फोन पर संपर्क कर जिले के किसानों की समस्याओं और गंभीर स्थिति से अवगत कराया था।
मुनगंटीवार ने प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर इस मुद्दे का लगातार पाठपुरावा करते हुए किसानों की स्थिति और अधिक गंभीर होने से पहले निर्णय लेने की मांग की थी। इसके बाद चंद्रपुर जिले की 12 तहसीलों को सूखाग्रस्त सूची में शामिल किया गया है।
तीन तहसील अभी सूची से बाहर
हालांकि बल्लारपुर, ब्रह्मपुरी और जिवती तहसीलों को वर्तमान सूखाग्रस्त सूची में शामिल नहीं किया गया है। इन तीनों तहसीलों के किसानों को भी सूखे से संबंधित राहत और रियायतों का लाभ मिले, इसके लिए सुधीर मुनगंटीवार 28 सितंबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेंगे।
इस मुलाकात के दौरान तीनों तहसीलों को सूखाग्रस्त सूची में शामिल करने की मांग को लेकर आगे पाठपुरावा किया जाएगा। चंद्रपुर जिले की 12 तहसीलों को राहत मिलने के निर्णय के बाद किसानों और नागरिकों की ओर से मुनगंटीवार के प्रति आभार व्यक्त किया जा रहा है।










