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WCL प्रशासन के खिलाफ शिवसेना का जनआक्रोश!

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WCL प्रशासन के खिलाफ शिवसेना का जनआक्रोश!



विधायक बच्चू कडू के नेतृत्व में पैनगंगा खदान से घुग्घुस के कारगिल चौक तक निकलेगी पदयात्रा


स्थानीय भूमिपुत्रों को 80 प्रतिशत रोजगार, किसानों को उचित मुआवजा और खनन क्षेत्र में प्रदूषण पर नियंत्रण की मांग


घुग्घुस/वणी, 18 अक्टूबर 2026।

वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) प्रशासन के खिलाफ स्थानीय लोगों के विभिन्न मुद्दों को लेकर शिवसेना की ओर से जनआक्रोश पदयात्रा का आयोजन किया गया है। त्रिशूल आंदोलन के अंतर्गत आयोजित इस पदयात्रा का नेतृत्व विधायक बच्चूभाऊ कडू करेंगे। रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजे पैनगंगा खदान से शुरू होने वाली यह पदयात्रा घुग्घुस शहर के कारगिल चौक पर पहुंचेगी।

आंदोलन के माध्यम से खनन क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय नागरिकों, किसानों और परियोजना प्रभावित परिवारों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा। आयोजकों ने WCL प्रशासन से मांग की है कि स्थानीय भूमिपुत्रों को रोजगार में 80 प्रतिशत प्राथमिकता दी जाए तथा परियोजना प्रभावित लोगों का उचित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए।

सात प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन

त्रिशूल आंदोलन के तहत सात प्रमुख मांगें रखी गई हैं। इनमें स्थानीय भूमिपुत्रों को रोजगार में 80 प्रतिशत प्राथमिकता, परियोजना प्रभावित परिवारों का उचित पुनर्वास, भूमि अधिग्रहण के बदले उचित मुआवजा तथा किसानों को न्याय दिलाना शामिल है।

इसके अलावा खदान क्षेत्र में वायु एवं ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने, खदानों से निकलने वाले दूषित पानी को बिना उपचार नदी-नालों में छोड़ने पर रोक लगाने, भारी वाहनों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। साथ ही शक्तिशाली ब्लास्टिंग के कारण होने वाले नुकसान को रोकने की भी मांग उठाई गई है।

पैनगंगा खदान से कारगिल चौक तक पदयात्रा

आयोजकों के अनुसार, पदयात्रा पैनगंगा खदान से शुरू होकर मंगोली खदान, साखरी और अन्य संबंधित खनन क्षेत्रों से होते हुए घुग्घुस शहर के कारगिल चौक तक पहुंचेगी। इस दौरान WCL प्रशासन का ध्यान स्थानीय नागरिकों की समस्याओं और लंबे समय से उठाई जा रही मांगों की ओर आकर्षित किया जाएगा।

इस आंदोलन में आई. प्रवीणभाऊ हेंडवे तथा आई. बिपिनभाऊ चौधरी वीरू सहित अन्य पदाधिकारियों की भूमिका बताई गई है। आंदोलन के आयोजकों ने इसे जनता के न्यायसंगत अधिकारों की आवाज बताते हुए नागरिकों से इसमें सहभागी होने की अपील की है।

अब देखना होगा कि इस जनआक्रोश पदयात्रा के बाद WCL प्रशासन स्थानीय रोजगार, पुनर्वास, किसानों के मुआवजे, प्रदूषण नियंत्रण और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर क्या कदम उठाता है।

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