Home Breaking News इरई नदी पुनर्जीवन अभियान को मिली रफ्तार

इरई नदी पुनर्जीवन अभियान को मिली रफ्तार

251

इरई नदी पुनर्जीवन अभियान को मिली रफ्तार



जिलाधिकारी वसुमना पंत ने किया गाद निकासी कार्य का निरीक्षण, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश


चंद्रपुर, 8 जून: चंद्रपुर शहर के समानांतर बहने वाली इरई नदी के पुनर्जीवन और बाढ़ के खतरे को कम करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे गाद निकासी अभियान के दूसरे चरण का कार्य तेजी से जारी है। सोमवार को जिलाधिकारी वसुमना पंत ने कार्यस्थल का दौरा कर प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

जानकारी के अनुसार इरई नदी में गाद निकासी अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत 28 मार्च 2026 से की गई थी। इस चरण में अब तक चोराला पुल से माना टेकड़ी तक लगभग ढाई किलोमीटर क्षेत्र में गाद निकालने का कार्य पूरा किया जा चुका है।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विठ्ठल मंदिर प्रभाग स्थित श्री वैभवलक्ष्मी माता मंदिर परिसर, इरई-झरपट नदी संगम क्षेत्र तथा हडस्ती पुल के समीप चल रहे कार्यों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नदी से निकाली जा रही गाद को नदी किनारे न छोड़कर निर्धारित डंपिंग स्थल पर ही संग्रहित किया जाए।

जिलाधिकारी ने गाद निकासी प्रक्रिया, उपयोग में लाई जा रही मशीनरी तथा कार्य की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। साथ ही उन्होंने तहसीलदार को निर्देश दिए कि किसानों की मांग के अनुसार नदी से निकाली गई उपजाऊ गाद उपलब्ध कराने की आवश्यक प्रक्रिया तत्काल पूरी की जाए।

इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त अकुनुरी नरेश, उपविभागीय अधिकारी विशालकुमार मेश्राम, उपजिलाधिकारी शुभम दांडेकर, तहसीलदार विजय पवार, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी शंकर तोटावार, शहर अभियंता रविंद्र हजारे, सिंचाई विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी तथा संबंधित ठेकेदार उपस्थित थे।

प्रशासन का कहना है कि इरई नदी की जल वहन क्षमता बढ़ाने, संभावित बाढ़ के खतरे को कम करने और नदी के प्राकृतिक स्वरूप को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद कार्य को और अधिक गति तथा सुनियोजित तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here